Ad Image
Ad Image
युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप || बिहार: विजय कुमार सिन्हा, निशांत कुमार, दिलीप जायसवाल, दीपक प्रकाश समेत 32 ने ली शपथ || बिहार में सम्राट सरकार का विस्तार, 32 मंत्रियों ने ली पद और गोपनीयता की शपथ || वोट चोरी का जिन्न फिर निकला, राहुल गांधी का EC और केंद्र सरकार पर हमला || वियतनामी राष्ट्रपति तो लाम पहुंचे भारत, राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत || टैगोर जयंती पर 9 मई को बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण की संभावना || केरल में सरकार गठन की कवायद तेज: अजय माकन और मुकुल वासनिक पर्यवेक्षक || असम में बीजेपी जीत के हैट्रिक की ओर, 101 से अधिक पर बढ़त, कांग्रेस 23 पर सिमटी || पांच राज्यों में मतगणना जारी: बंगाल, असम में भाजपा को बढ़त, केरल में कांग्रेस और तमिलनाडु में टीवीके को बढ़त || तमिलनाडु चुनाव: एक्टर विजय की टीवीके ने किया उलटफेर, 109 सीटो पर बढ़त

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

सेवा से बर्खास्त विशेष सर्वेक्षण कर्मियों की बहाली की मांग, भाकपा ने किया समर्थन

स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी |

पटना: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने रविवार को बयान जारी करते हुए विशेष सर्वेक्षण के संविदा कर्मियों के आंदोलन को पूरा समर्थन दिया और राज्य सरकार से अपील की कि जिन कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है, उनकी तत्काल बहाली सुनिश्चित की जाए।

श्री पाण्डेय ने कहा कि विशेष सर्वेक्षण में कार्यरत संविदाकर्मी लंबे समय से अपनी जायज़ मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करना चाहिए और कर्मियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए ताकि आंदोलनरत कर्मचारियों को राहत मिल सके और जिनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, उन्हें पुनः काम पर रखा जा सके।

भाकपा राज्य सचिव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह विडंबना है कि चुनावी साल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जहां एक ओर सरकारी खजाना खोलने की घोषणाएं कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर युवाओं को रोजगार से वंचित किया जा रहा है और पहले से कार्यरत संविदाकर्मियों को प्रताड़ित करके सेवा से बाहर किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं के सामने रोजगार का गंभीर संकट है। बड़ी संख्या में राज्य के युवा रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि नेशनल सैंपल सर्वे ऑर्गेनाइजेशन (एनएसएसओ) की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार से पलायन करने वालों में लगभग 55 प्रतिशत पुरुष केवल नौकरी और रोजगार की तलाश में राज्य छोड़ने को विवश हैं।

श्री पाण्डेय ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह युवाओं के हितों के साथ खिलवाड़ करना बंद करे और तुरंत विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मियों की सेवाओं को बहाल करते हुए उनकी जायज़ मांगों को पूरा करे।