स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।
-वर्ष 2025 में प्राप्त 11,899 शिकायतों का शत-प्रतिशत निष्पादन, वर्ष 2026 में अब तक 1,806 शिकायतों का त्वरित समाधान
-72 घंटे के भीतर शिकायतों का निष्पादन, सभी 19 जोन में मोबाइल वैन के साथ प्रशिक्षित टीम की तैनाती
पटना। राजधानी के गली-मोहल्लों को रोशन बनाए रखने के लिए पटना नगर निगम द्वारा स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर फुल-प्रूफ रणनीति के तहत अलर्ट मोड में कार्य किया जा रहा है। निगम के सभी 19 जोन में तीन-तीन प्रशिक्षित कर्मियों की विशेष टीम तैनात की गई है। प्रत्येक टीम को एक मोबाइल वैन उपलब्ध कराई गई है, जिसमें स्ट्रीट लाइट की मरम्मत के लिए आवश्यक उपकरण जैसे लाइट, वायर, स्विच, सीढ़ी और सेफ्टी गियर उपलब्ध रहते हैं।
ये टीमें नियमित रूप से अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण करती हैं और खराब स्ट्रीट लाइटों की पहचान कर उनकी मरम्मत या आवश्यकता पड़ने पर रिप्लेसमेंट का कार्य करती हैं। इसके साथ ही निगम के कंट्रोल रूम में प्राप्त स्ट्रीट लाइट संबंधी शिकायतों को दर्ज कर 24 से 72 घंटे के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाता है। गर्मी, बारिश या सर्दी, हर मौसम में स्ट्रीट लाइट खराब होने पर टीमें तुरंत कार्रवाई कर उन्हें पुनः चालू करती हैं।
वर्ष 2025 में स्ट्रीट लाइट संबंधी कुल 11,899 शिकायतें निगम के टोल फ्री नंबर 155304 एवं व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 9264447449 पर प्राप्त हुई थीं। इनमें सभी शिकायतों का शत-प्रतिशत निष्पादन किया गया। वहीं, वर्ष 2026 में जनवरी से अप्रैल के प्रथम पखवाड़े तक कुल 3,263 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 1,806 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। यानी अब तक लगभग 55 प्रतिशत शिकायतों का निष्पादन हो चुका है, जबकि शेष शिकायतों पर तेजी से कार्य जारी है।
पटना नगर निगम क्षेत्र में वर्तमान में 35 वाट से 140 वाट क्षमता तक की कुल 83 हजार स्ट्रीट लाइटें स्थापित हैं। शहर के विस्तार और बढ़ती आबादी को देखते हुए निगम द्वारा 25 हजार अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की बेहतर निगरानी और ऑटोमेशन के लिए सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम भी विकसित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पटना नगर निगम क्षेत्र में अन्य विभागों जैसे पथ निर्माण विभाग और बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड द्वारा भी विभिन्न सड़क परियोजनाओं के तहत स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं, जिनका रखरखाव संबंधित विभागों द्वारा किया जा रहा है।







