नेशनल डेस्क, श्रेयांश पराशर l
नई दिल्ली। लोकसभा में हंगामे और आसन की ओर कागज़ फेंकने के मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए कांग्रेस के सात और माकपा (CPI-M) के एक सांसद को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया। यह फैसला मंगलवार को सदन की कार्यवाही के दौरान लिया गया, जब लगातार विरोध और नारेबाज़ी से सदन का कामकाज बाधित हुआ।
निलंबित किए गए सांसदों में कांग्रेस के मणिकम टैगोर, अमरिंदर सिंह ‘राजा वडिंग’, गुरदीप सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत यादवोराव पाडोले और सी. किरण कुमार रेड्डी शामिल हैं। इनके अलावा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के ए. वेंकटेशन पर भी कार्रवाई हुई है। इन सभी पर पीठासीन अधिकारी की अवहेलना करने और आसन की ओर कागज़ फेंकने का आरोप लगा।
दरअसल, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को कथित तौर पर बोलने का अवसर न देने के मुद्दे पर कांग्रेस सदस्यों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हंगामे के दौरान कुछ सदस्य आसन के पास पहुंच गए, नारेबाज़ी की और कागज़ उछाले। इसके कारण सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।
दोपहर बाद करीब तीन बजे जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तो पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने संबंधित सदस्यों के नामों का उल्लेख किया। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इन सांसदों को शेष सत्र के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि सदस्यों का यह आचरण सदन, आसन, महासचिव और अन्य अधिकारियों के प्रति गंभीर अवमानना दर्शाता है तथा सदन इसे गंभीरता से लेता है। ध्वनिमत से यह प्रस्ताव पारित कर दिया गया।
निलंबन के फैसले के बाद विपक्षी सदस्यों ने फिर विरोध जताया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी एक पूर्व सेना अध्यक्ष की अप्रकाशित पुस्तक के अंश पर आधारित लेख का उल्लेख करना चाहते थे, लेकिन अध्यक्ष ओम बिरला ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसी मुद्दे को लेकर कई बार हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही बाधित रही।







