Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

हरिद्वार की तर्ज पर बीरगंज में भी योग ग्राम जरूरी:अशोक टेमानी

लोकल डेस्क, अभिलाष गुप्ता।

रक्सौल: “करें योग, रहें निरोग” के मूल नारे के साथ आयोजित 5 दिवसीय योग विज्ञान शिविर बीरगंज के घंटाघर स्थित बीपी उत्थान पार्क में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। शिविर का सह-आयोजन बीरगंज महानगरपालिका द्वारा किया गया था, जबकि आयोजन पतंजलि योग समिति पर्सा तथा प्रादेशिक आयुर्वेद तथा वैकल्पिक चिकित्सालय ने संयुक्त रूप से किया।

समापन कार्यक्रम में काठमांडौ से आए योग गुरु लभदेव गुरु की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य अशोक टेमानी थे। इसके अलावा पूर्व मेयर विजय सरावगी, संस्थान के नसीब लाल सहित पदाधिकारी, योग साधक एवं बड़ी संख्या में सर्वसाधारण उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अशोक टेमानी ने कहा कि योग केवल व्यायाम या शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है। उन्होंने कहा कि योग मनुष्य के शरीर के बाहरी ही नहीं, बल्कि आंतरिक पक्ष एवं सोच को भी शुद्ध और सकारात्मक बनाता है। उन्होंने हरिद्वार के योग ग्राम का उदाहरण देते हुए कहा कि बीरगंज में भी इसी प्रकार का योग ग्राम स्थापित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “यदि बीरगंज वासी चाहें तो यहां भी योग ग्राम स्थापित किया जा सकता है और इसके लिए मुझसे जो भी सहयोग संभव होगा, मैं करने के लिए तैयार हूं।” उन्होंने कम से कम 10 बीघा भूमि में योग ग्राम निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया।

टेमानी के अनुसार प्रस्तावित योग ग्राम में केवल योगासन ही नहीं, बल्कि योग चिकित्सा पद्धति, योग विश्वविद्यालय, उपचार संबंधी अध्ययन केंद्र सहित योग से जुड़ी सभी गतिविधियों को समाहित किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयास से बीरगंज में ऐसा महत्वाकांक्षी परियोजना सफल हो सकती है।
शिविर के समापन के साथ आयोजकों ने कहा कि पिछले पांच दिनों तक पूरा बीरगंज योगमय बना रहा। प्रतिभागियों ने भी योग से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की बात कहते हुए ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने पर जोर दिया।
समापन अवसर पर योग गुरु लभदेव द्वारा विशेष हवन एवं मंत्रोच्चारण कराया गया। साथ ही विभिन्न योगासनों का अभ्यास भी कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की।