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हिज़्बुल्ला युद्धविराम को तैयार, इज़रायल को सख्त चेतावनी—“इस बार उल्लंघन बर्दाश्त नहीं”

विदेश डेस्क, आर्या कुमारी 

बेरूत, हिज़्बुल्ला ने जारी तनाव के बीच युद्धविराम के लिए अपनी सहमति जताई है, लेकिन इसके साथ ही इज़रायल को कड़ी चेतावनी दी है कि वह इस समझौते का पूरी तरह पालन करे। लेबनान में सक्रिय इस संगठन ने साफ किया है कि यदि किसी भी प्रकार का उल्लंघन हुआ, तो उसके गंभीर परिणाम होंगे।

हिज़्बुल्ला की राजनीतिक परिषद के उप प्रमुख महमूद कोमाती ने बयान जारी करते हुए कहा कि संगठन युद्धविराम के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन यह प्रतिबद्धता एकतरफा नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, “हम शांति और स्थिरता चाहते हैं, लेकिन इसके लिए दोनों पक्षों को समान रूप से नियमों का पालन करना होगा।”

कोमाती ने वर्ष 2024 के पिछले समझौते का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय हिज़्बुल्ला ने पूरी ईमानदारी से शर्तों का पालन किया था, जबकि इज़रायल ने अपने दायित्वों को निभाने में लापरवाही बरती। उन्होंने कहा कि इस बार ऐसा दोहराया नहीं जाएगा और किसी भी उल्लंघन पर तत्काल प्रतिक्रिया दी जाएगी।

क्षेत्र में जारी तनाव और संघर्ष के बीच यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह पहल शांति की दिशा में एक सकारात्मक संकेत हो सकती है, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों पक्ष कितनी गंभीरता से समझौते का पालन करते हैं।

मौजूदा हालात में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें भी इस घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं। यदि युद्धविराम सफल रहता है, तो इससे क्षेत्र में स्थिरता आने की उम्मीद की जा सकती है, वहीं किसी भी प्रकार की चूक से हालात फिर से बिगड़ सकते हैं।