लोकल डेस्क, अभिलाष गुप्ता।
- सामाजिक एकता के लिए सभी से सहभागिता की अपील।
वीरगंज: मधेश प्रदेश की जनआस्था का प्रमुख धार्मिक केंद्र श्री गहवा माई मंदिर में आयोजित होने वाली चौथी विशाल रथ यात्रा एवं पावन धार्मिक महोत्सव–2083 की सभी तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। यह जानकारी आयोजक श्री गहवा माई तीर्थ क्षेत्र विकास समिति ने शुक्रवार को आयोजित पत्रकार सम्मेलन में दी।
समिति ने बताया कि आगामी आषाढ़ 32 और श्रावण 1 को आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय धार्मिक महोत्सव में लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
समिति के अनुसार आषाढ़ 32 की सुबह 7:30 बजे श्री गहवा माई मंदिर परिसर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद चौथी विशाल रथ यात्रा का शुभारंभ होगा। इस वर्ष रथ यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण रथ यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा होगी, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और उत्साह को और अधिक बल मिलेगा।
उसी दिन शाम को मंदिर परिसर में देश के प्रसिद्ध भजन गायकों द्वारा भव्य भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद श्रावण 1 की सुबह 6:00 बजे से 56 भोग पूजा तथा दोपहर 4:00 बजे से विशाल महाप्रसाद भंडारा का आयोजन किया जाएगा।
पत्रकार सम्मेलन में समिति ने बताया कि रथ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए मुख्य सड़क (मेन रोड) पर चल रहे सड़क विस्तार एवं तोड़फोड़ के कार्य को रथ यात्रा की अवधि तक स्थगित करने के लिए संबंधित सड़क डिवीजन कार्यालय को औपचारिक पत्र भेजा जा चुका है।
समिति ने वीरगंज के सभी सामाजिक, धार्मिक, जातीय, व्यावसायिक संगठनों, बुद्धिजीवियों तथा नागरिक समाज से रथ यात्रा में सक्रिय सहभागिता की अपील की है। साथ ही रथ यात्रा मार्ग पर स्थित घरों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से कलश स्थापना, तोरण सजावट और दीप प्रज्ज्वलित कर माता का स्वागत करने तथा श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी, शरबत सहित अन्य सेवा कार्यों की व्यवस्था करने का आग्रह किया है।
पत्रकार सम्मेलन में रथ यात्रा–2083 की महिला संयोजक विभा साह, संयोजक बसंत कुमार गुप्ता, प्रचार-प्रसार उपसमिति के संयोजक श्याम प्रसाद गुप्ता, श्री गहवा माई तीर्थ क्षेत्र विकास समिति के अध्यक्ष श्याम पोखरेल, सचिव लक्ष्मीनारायण गुप्ता (पप्पू गुप्ता) सहित समिति के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
आयोजक समिति ने कहा कि गहवा माई की रथ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि वीरगंज की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक सद्भाव और सामुदायिक एकता का महोत्सव है। इसलिए सभी नागरिकों से इस आयोजन में सहभागी बनकर इसे भव्य और सफल बनाने की अपील की गई है।







