विदेश डेस्क, ऋषि राज
भारत के लिए 47 हजार टन एलपीजी लेकर टैंकर पहुंचा
नई दिल्ली: भारत के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। करीब 46 हजार 313 टन एलपीजी लेकर आ रहा एक गैस टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है और इसके 13 मई तक विशाखापत्तनम पहुंचने की उम्मीद है। यह जानकारी पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में दी गई।
मंत्रालय के अनुसार, मार्शल आइलैंड से रवाना हुआ यह टैंकर “सर्व शक्ति” भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। खास बात यह है कि इस टैंकर पर 18 भारतीय नाविक भी सवार हैं और सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद देश में एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है। पश्चिम एशिया क्षेत्र में चल रहे तनाव के कारण आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन सरकार ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पर्याप्त कदम उठाए हैं।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, देशभर में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। तेल विपणन कंपनियां नियमित रूप से वितरण सुनिश्चित कर रही हैं। शनिवार को देशभर में लगभग 47 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का वितरण किया गया, जबकि बुकिंग का आंकड़ा करीब 47.4 लाख सिलेंडरों तक पहुंच गया। यह दर्शाता है कि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रभावी प्रबंधन किया जा रहा है।
इसके अलावा, सरकार उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थियों को भी निरंतर एलपीजी उपलब्ध करा रही है। ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो लगभग 99 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इससे उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर प्राप्त करने में सुविधा हो रही है।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने 5 किलोग्राम के छोटे सिलेंडरों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 10,100 से अधिक शिविर आयोजित किए हैं। 3 अप्रैल से अब तक करीब 1.75 लाख छोटे सिलेंडरों की बिक्री हो चुकी है, जिससे छोटे उपभोक्ताओं को भी राहत मिली है।
इसके साथ ही ऑटो एलपीजी की बिक्री में भी वृद्धि दर्ज की गई है। अप्रैल से अब तक कुल 11,082 टन ऑटो एलपीजी की बिक्री की जा चुकी है। मंत्रालय ने बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता पर कार्य कर रही हैं, जिससे ऊर्जा आपूर्ति में कोई बाधा न आए।
कुल मिलाकर, सरकार ने यह भरोसा दिलाया है कि देश में एलपीजी की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रहेगी और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।







