स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी।
गोपेश्वर: उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र नीति वैली स्थित टिम्मरसैंण महादेव, जिन्हें ‘बाबा बर्फानी’ के नाम से भी जाना जाता है, धार्मिक आस्था और शांत प्राकृतिक वातावरण के कारण पर्यटकों के बीच तेजी से आकर्षण का केंद्र बनते जा रहे हैं। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बुधवार को नीति वैली का भ्रमण कर टिम्मरसैंण महादेव के दर्शन किए और देश-विदेश के पर्यटकों से इस क्षेत्र के भ्रमण की अपील की।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह क्षेत्र आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य का अनुभव कराता है। उन्होंने पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटकों की सुविधा के लिए विकसित की जा रही आधारभूत व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा।
भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने तपोवन से नीति वैली तक मार्ग में पड़ने वाले वाइब्रेंट गांवों में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद कर सड़क कनेक्टिविटी, पेयजल आपूर्ति, राशन व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान तहसीलदार ज्योतिर्मठ महेन्द्र आर्य ने वर्ष 2021 में रैंणी गांव में आई आपदा की जानकारी भी साझा की।
जिलाधिकारी ने तमक गांव के ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने तमक नाले के पास नदी द्वारा जमा पानी की निकासी और गांव तक परिवहन सुविधा की मांग रखी। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को जल निकासी के लिए आवश्यक कार्रवाई करने और बस सेवा को लेकर परीक्षण कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने बीआरओ द्वारा निर्माणाधीन ग्लेशियर कॉरिडोर का निरीक्षण किया और कार्य की गुणवत्ता व समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क निर्माण में भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों को लेकर वन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम से स्थलीय निरीक्षण कर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा, ताकि विकास कार्य निर्बाध रूप से आगे बढ़ सकें।
जिलाधिकारी ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों का समग्र विकास केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान राजस्व, वन, पुलिस सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।







