नेशनल डेस्क, मुस्कान कुमारी।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की, जिसमें दोनों नेताओं ने भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीके चर्चा किए। आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए क्षेत्रीय शांति के प्रयासों का समर्थन जताया गया।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, नेतन्याहू ने मोदी को फोन किया और गाजा शांति योजना पर अपडेट साझा किया। दोनों नेताओं ने नए साल की शुभकामनाएं आदान-प्रदान की तथा दोनों देशों की जनता के लिए शांति और समृद्धि की कामना की। मोदी ने क्षेत्र में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति के प्रयासों के लिए भारत के निरंतर समर्थन की पुष्टि की।
आतंकवाद पर कड़ा रुख, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर बल
मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, “अपने मित्र प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात करके खुशी हुई। उन्हें और इजराइल की जनता को नए साल की शुभकामनाएं दीं। हमने आने वाले साल में भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।”
उन्होंने आगे लिखा कि क्षेत्रीय स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ और आतंकवाद के खिलाफ अधिक दृढ़ संकल्प के साथ लड़ने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई। दोनों नेताओं ने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, गहन पारस्परिक विश्वास और दूरदर्शी सोच के आधार पर साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की प्राथमिकताएं तय कीं।
बयान में कहा गया कि आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर दिया गया तथा इस खतरे से लड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। दोनों नेता द्विपक्षीय सहयोग की निरंतर प्रगति से संतुष्टि व्यक्त की और आपसी लाभ के लिए प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग गहरा करने पर सहमत हुए।
गाजा शांति योजना पर अपडेट, क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार
नेतन्याहू ने गाजा शांति योजना के कार्यान्वयन पर जानकारी साझा की। मोदी ने क्षेत्र में न्यायपूर्ण और टिकाऊ शांति के लिए प्रयासों, जिसमें गाजा शांति योजना का शीघ्र क्रियान्वयन शामिल है, के प्रति भारत के समर्थन को दोहराया। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए तथा आगे संपर्क में रहने पर सहमति जताई।
यह 2026 की शुरुआत के बाद दोनों नेताओं की पहली सीधी बातचीत है। इससे पहले दिसंबर में हुई वार्ता में भी द्विपक्षीय साझेदारी और आतंकवाद विरोधी रुख पर चर्चा हुई थी। विदेश मंत्री एस जयशंकर की हालिया इजराइल यात्रा में भी प्रौद्योगिकी, अर्थव्यवस्था, कनेक्टिविटी और सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया था।
दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं, जो साझा चुनौतियों और अवसरों पर आधारित हैं।







