विदेश डेस्क, ऋषि राज
तेहरान/वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित उच्चस्तरीय वार्ता फिलहाल टाल दी गई है, जिससे दोनों देशों के बीच हाल ही में बने समझौते पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। यह वार्ता दोनों देशों के बीच अगले चरण की बातचीत के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही थी।
ईरानी अधिकारियों ने कहा कि इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच जारी संघर्ष और क्षेत्रीय हालात को देखते हुए फिलहाल सीधी बातचीत संभव नहीं है। ईरान का आरोप है कि हाल के हमले पहले हुए समझौते की भावना के खिलाफ हैं।
अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल को स्विट्जरलैंड पहुंचना था, लेकिन व्हाइट हाउस ने इसे “प्रशासनिक कारणों” से टालने की बात कही। हालांकि अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि वार्ता पूरी तरह रद्द नहीं हुई है।
विश्लेषकों का मानना है कि वार्ता टलने से पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ सकता है। खासकर तेल बाजार और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर इसका असर पड़ सकता है।
ईरानी संसद के वरिष्ठ नेता मोहम्मद बागर गालिबाफ ने कहा कि भविष्य में होने वाली किसी भी वार्ता में ईरान अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि बातचीत तभी आगे बढ़ेगी जब अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करेगा।
इस बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों देशों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए संवाद ही एकमात्र रास्ता है।







