विदेश डेस्क, श्रेयांश पराशर l
अमेरिकी हमलों के बाद भी ईरान की मिसाइल ताकत बरकरार: रिपोर्ट
वॉशिंगटन l अमेरिका और इजरायल के हालिया दावों के बीच एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान की मिसाइल क्षमता अब भी काफी हद तक सुरक्षित बनी हुई है। अमेरिकी खुफिया आंकड़ों के हवाले से जारी इस रिपोर्ट में बताया गया कि ईरान ने अपने मिसाइल नेटवर्क और भूमिगत सैन्य ढांचे का बड़ा हिस्सा बचाए रखा है, जिससे उसकी सामरिक क्षमता पर सीमित असर पड़ा है।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास अभी भी अपनी लगभग 70 प्रतिशत मिसाइल प्रक्षेपण क्षमता मौजूद है। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास स्थित 33 में से 30 प्रमुख प्रक्षेपण स्थलों तक उसकी पहुंच फिर से बहाल हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा सकती है।
बताया गया कि ईरान ने अपने करीब 90 प्रतिशत भूमिगत सैन्य केंद्रों और मिसाइल प्रणालियों को फिर से सक्रिय कर लिया है। इनमें कई ऐसे ठिकाने शामिल हैं, जिन्हें हालिया हमलों के दौरान नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई थीं। ईरानी अधिकारियों ने दावा किया है कि उनकी रक्षा प्रणाली पहले की तरह कार्य कर रही है और देश की सुरक्षा पूरी तरह मजबूत है।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान से जुड़े ठिकानों पर हमले शुरू किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायली क्षेत्रों और पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है।
इस बीच सात अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा भी हुई थी, लेकिन उसके बाद हुई बातचीत किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं हुए तो क्षेत्र में अस्थिरता और गहरा सकती है।






