नेशनल डेस्क, मुस्कान कुमारी।
- मई में ₹22,907 करोड़ का inflow, SIP में भी गिरावट
मुंबई। इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेशकों का जोश मई 2026 में ठंडा पड़ गया। नेट इनफ्लो पिछले महीने के मुकाबले 40 प्रतिशत घटकर ₹22,907 करोड़ रह गया। साल की शुरुआत से ही इनफ्लो में लगातार मंदी देखी जा रही है।
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के मुताबिक यह गिरावट जनवरी-फरवरी से चल रही है। मार्केट में सुधार, ऊंची वैल्यूएशन और ग्लोबल अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया।
SIP में मामूली कमी, नए अकाउंट्स बढ़े
सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए मई में ₹30,954 करोड़ का निवेश हुआ, जो अप्रैल के ₹31,115 करोड़ से थोड़ा कम है। हालांकि, तीन लाख नए SIP अकाउंट्स जुड़े, जिससे कुल SIP अकाउंट्स की संख्या 54 लाख हो गई। कुल योगदान करने वाले SIP अकाउंट्स नौ करोड़ के पार बने रहे।
बाजार रिकवरी और सावधानी का असर
एक्सपर्ट्स के अनुसार, शुरुआती साल में हुई करेक्शन के बाद शेयर बाजार में रिकवरी से निवेशकों में तत्काल पैसा लगाने की जरूरत कम हुई। ब्रॉड मार्केट में ऊंची वैल्यूएशन और ग्लोबल अनिश्चितताओं जैसे भू-राजनीतिक तनाव और ब्याज दरों की दिशा ने भी लंपसम निवेश पर ब्रेक लगाया।
मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च के हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि प्रॉफिट बुकिंग और सावधानी ने कुल फ्लो पर असर डाला।
गोल्ड ETF से भी निकासी
गोल्ड ETF में पहले की रैली के बाद प्रॉफिट बुकिंग हुई। मई में इनमें ₹725 करोड़ की नेट आउटफ्लो दर्ज की गई। कुछ गोल्ड ETF ने बड़े लंपसम सब्सक्रिप्शन रोक दिए हैं। 2025 में जुलाई में इक्विटी फंड्स में ₹42,702 करोड़ का रिकॉर्ड इनफ्लो देखा गया था, लेकिन उसके बाद गति सामान्य हुई। 2026 में निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। यह गिरावट ईरान युद्ध से पहले से दिख रही थी, लेकिन बाजार की ऊंची valuations और वैश्विक कारकों ने इसे और प्रभावित किया।







