स्टेट डेस्क, मुस्कान कुमारी।
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के पेरियापालयम में रविवार 21 जून 2026 को एक झींगा प्रसंस्करण यूनिट में अमोनिया गैस रिसाव की घटना में मौतों का आंकड़ा बढ़कर पांच हो गया है। इस हादसे में 67 लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने कंपनी के मालिक और फैक्ट्री मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है।
मृतकों में ओडिशा के प्रवासी मजदूर जुमानी जुआंग और बी. मालोथी शामिल हैं। पुलिस ने कंपनी के मालिक और फैक्ट्री मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई की है, जिन पर पहले भी औद्योगिक सुरक्षा मानदंडों के उल्लंघन का केस दर्ज था। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है।
घटना कैसे हुई
रविवार को पेरियापालयम स्थित समुद्री खाद्य प्रसंस्करण यूनिट में अचानक अमोनिया गैस रिसाव हो गया। गैस के प्रभाव से कई मजदूर बीमार पड़े और दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। सोमवार सुबह 7 बजे तक तीन और मौतें हो जाने से कुल मृतकों की संख्या पांच पहुंच गई। गैस रिसाव के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और आसपास के मजदूरों को अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
पुलिस ने तुरंत कंपनी के मालिक और फैक्ट्री मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने घटना की जांच के लिए इंडस्ट्रियल सेफ्टी एंड हेल्थ के डायरेक्टर, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी और पब्लिक हेल्थ के एडिशनल डायरेक्टर वाली तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति को 24 घंटे में अंतरिम रिपोर्ट और तीन दिन में अंतिम रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार ने सभी खतरनाक उद्योगों की तत्काल संयुक्त जांच के आदेश दिए हैं।
परिवारों पर पड़ा असर
मृतक जुमानी जुआंग और बी. मालोथी दोनों ओडिशा के प्रवासी मजदूर थे। मुख्यमंत्री ने दोनों मृतकों के परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। साथ ही शवों को उनके गृह राज्य ओडिशा भेजने का खर्च भी तमिलनाडु सरकार वहन करेगी। घटना से स्थानीय स्तर पर दहशत फैल गई है और मजदूरों के परिवारों में गहरा शोक व्याप्त है।







