Ad Image
Ad Image
असम में दुर्घटनाग्रस्त सुखोई 30 के दोनों पायलट शहीद: वायु सेना प्रवक्ता || JDU की बैठक में निशांत के नाम पर लग सकती है नीतीश कुमार की मुहर || आज शाम JDU की अहम बैठक: अटकलों पर लगेगा विराम, तस्वीर होगी साफ || नीतीश कुमार ने नामांकन के बाद आज शाम 5 बजे बुलाई JDU की बैठक || कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सिंघवी समेत 6 उम्मीदवारों की घोषणा की || बिहार में सियासी तूफान तेज: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा || प. एशिया युद्ध संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट जारी || समस्तीपुर: दो लाख के ईनामी जाली नोट कारोबारी को NIA ने किया गिरफ्तार || AIR इंडिया आज यूरोप, अमेरिका के लिए फिर से शुरू करेगी विमान सेवा || नागपुर: SBL एनर्जी विस्फोट में 18 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

नोएडा में जीवित मिली गुंजा, मोतिहारी में हत्या के आरोप में पति जेल में बंद

स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी।

मोतिहारी से लगभग 1000 किलोमीटर दूर नोएडा में अपनी प्रेमी के साथ मिली गुंजा, जबकि उसके पति पर हत्या का आरोप लगाकर उसे जेल भेज दिया गया था। यह मामला अब लोगों को हैरान कर रहा है, क्योंकि पति पिछले चार महीनों से जेल में बंद था और उसकी पत्नी जिंदा निकल आई।

गुंजा की शादी मार्च 2025 में रंजीत के साथ हुई थी। शुरुआती कुछ महीने सब सामान्य रहे, लेकिन 3 जुलाई की रात वह ससुराल से अचानक लापता हो गई। सीसीटीवी फुटेज में गुंजा को अकेले घर से निकलते देखा गया था। काफी खोजबीन के बाद भी जब वह नहीं मिली, तो रंजीत ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने उसके बताए सीसीटीवी सबूत को गंभीरता से नहीं लिया।

इसी बीच, गुंजा के मायके वालों ने रंजीत पर उसकी हत्या का आरोप लगा दिया। बिना पूरी जांच किए पुलिस ने रंजीत को गिरफ्तार कर लिया और मामले में चार्जशीट भी दाखिल कर दी। चार महीने से रंजीत जेल में था, जबकि उसके परिवार वाले लगातार गुंजा को ढूंढने में लगे हुए थे।

आखिरकार, गुंजा नोएडा में अपने बॉयफ्रेंड के साथ घूमती हुई मिली। रंजीत के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। हैरानी की बात यह है कि चार्जशीट दाखिल करने से पहले मोतिहारी पुलिस ने न तो गुंजा की लाश खोजने की कोशिश की और न ही सीसीटीवी फुटेज को आधार बनाकर सही दिशा में जांच की।

अगर यह सच सामने न आता और मामला ट्रायल में पहुंच जाता, तो रंजीत को आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती थी। यह मामला पुलिस जांच और कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।