नेशनल डेस्क,श्रेयांश पराशर l
नई दिल्ली। लोकसभा में संविधान संशोधन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित नहीं हो सका, जिसके बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस घटनाक्रम के अगले ही दिन कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उसे खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि सरकार यदि वास्तव में महिलाओं के हित में काम करना चाहती है, तो वह सोमवार को संसद का विशेष सत्र बुलाकर 2023 में सभी दलों द्वारा समर्थित विधेयक को फिर से पेश करे।
प्रियंका गांधी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष महिला विरोधी नहीं है, बल्कि सरकार गलत तरीके से ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नीत एनडीए पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के मतदाताओं को भ्रमित कर रही है। उनके अनुसार, जिस विधेयक की बात की जा रही है, वह “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” है, जिसमें संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि हाल में पेश किया गया संविधान संशोधन विधेयक संघीय ढांचे को प्रभावित करने की मंशा से लाया गया था। उन्होंने कहा कि इसका लोकसभा में पारित न होना लोकतंत्र, संविधान और विपक्ष की एकजुटता की जीत है। प्रियंका ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के मुद्दे का उपयोग अपने राजनीतिक हित साधने के लिए कर रही थी।
उन्होंने गृह मंत्री और प्रधानमंत्री के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार विपक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही थी। प्रियंका के मुताबिक, यह पूरा मामला परिसीमन और जनगणना के मुद्दों से जुड़ा हुआ है, जिसमें सरकार मनमाने तरीके से बदलाव करना चाहती थी।
उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम दिखाता है कि जब विपक्ष एकजुट होता है, तो वह सरकार को चुनौती देने में सक्षम होता है।







