Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

बिहार: राजस्व कर्मियों के तबादले एवं सस्पेंशन पर 20 सितंबर तक रोक

स्टेट डेस्क, नीतीश कुमार |

बिहार में राजस्व कर्मियों के ट्रांसफर पर रोक लगाई गई है और अगले एक महीने तक कर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। राज्य में चल रहे राजस्व महाभियान को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर यह जानकारी दी है।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने तबादलों और अनुशासनात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई है। जिन राजस्व कर्मियों का हाल ही में एक अंचल से दूसरे अंचल में ट्रांसफर हुआ है, उन्हें उनके पुराने हल्के में ही प्रतिनियुक्त किया जाएगा क्योंकि नए हलके के बारे में अपरिचित होने के कारण जमाबंदी वितरण और शिविर में आवेदन लेने में परेशानी और देरी हो रही है। 

पत्र में यह भी कहा गया है कि राजस्व महाभियान की सफलता के लिए 20 सितंबर तक किसी भी कर्मचारी का निलंबन या अनुशासनात्मक कार्रवाई तब तक नहीं की जाएगी जब तक कि परिस्थिति अत्यंत आवश्यक न हो। विभाग का मानना है कि इस दौरान कार्रवाई से नकारात्मक तत्व सक्रिय हो सकते हैं, जो अभियान की गति को प्रभावित कर सकते हैं।

बिहार सरकार ने 16 अगस्त से 20 सितंबर तक राजस्व महाभियान शुरू किया है। इस दौरान गांव-टोलों में शिविर लगाकर उन रैयतों के जमीन के कागजात में सुधार करने की सुविधा दी जा रही है, जिनके दस्तावेजों में गलतियां हैं। इसमें खाता, खेसरा, रकबा आदि की सहीगोई शामिल है।