विदेश डेस्क, ऋषि राज |
बीजिंग/नई दिल्ली : चीन के विदेश मंत्री वांग यी आगामी 22-23 जून को भारत दौरे पर आएंगे, जहां वे ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और उच्च प्रतिनिधियों की 16वीं बैठक में हिस्सा लेंगे। यह बैठक भारत की मेजबानी में आयोजित की जा रही है और इसे क्षेत्रीय सुरक्षा, वैश्विक सहयोग तथा बहुपक्षीय संबंधों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
चीनी विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा कि वांग यी इस बैठक के दौरान भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सहित ब्रिक्स सदस्य देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। बैठक का मुख्य फोकस आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, वैश्विक आर्थिक स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद और तनाव के बीच यह बैठक संवाद का नया अवसर दे सकती है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं, लेकिन ब्रिक्स मंच ने हमेशा बातचीत के रास्ते खुले रखे हैं।
भारत इस वर्ष “नवाचार, सहयोग और सतत विकास” की थीम के साथ ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में यह बैठक सदस्य देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, वांग यी और भारतीय अधिकारियों के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर अलग से चर्चा भी हो सकती है। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि ब्रिक्स जैसे मंच वैश्विक शक्ति संतुलन में नई भूमिका निभा रहे हैं और भारत-चीन सहयोग इसमें निर्णायक साबित हो सकता है।







