Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

मानव तस्करी के खिलाफ बड़ा अभियान, अप्रैल में चलेगा ‘ऑपरेशन नया सवेरा 2.0’

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना |

  • मानव व्यापार निरोध इकाई की तरफ से आयोजित कार्यशाला को डीजीपी ने किया संबोधित
  • राज्य के सभी जिलों और तीन हवाई अड्डों में मानव तस्करी इकाई का किया गया गठन
  • वर्ष 2025 में मानव तस्करी, अनैतिक देह व्यापार और बाल श्रम से संबंधित 506 कांड हुए दर्ज 

पटना। मानव तस्करी, अनैतिक देह व्यापार और बाल श्रम से जुड़े मामलों के निपटारे में पुलिसकर्मियों को संवेदनशीलता दिखाने की जरूरत है। अगर कोई बच्चा गायब हो जाता है और तीन महीने तक बरामद नहीं होता है, तो इस तरह के मामले समय बीतने के साथ ही बेहद जटिल हो जाते हैं। ये बातें डीजीपी विनय कुमार ने पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन के सभागार में आयोजित कार्यशाला में कही। पुलिस महकमा के कमजोर वर्ग प्रभाग की मानव व्यापार निरोध इकाई के स्तर से पुलिसकर्मियों को इस मामले की गंभीरता को बताने के उद्देश्य से यह कार्यशाला का आयोजन किया गया था।

कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए डीजीपी ने पुलिसकर्मियों से बच्चा गुमशुदगी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए इसमें पूरी संवेदनशीलता दिखाने की बात कही। कहा कि इस मामले ऐसे समझें कि आपका बच्चा गुम हो जाए, तो कैसे लगेगा। उसी संवेदनशीलता के साथ खोए बच्चों की तलाश कम से कम समय में करें। वर्ष 2025 में मानव तस्करी, अनैतिक देह व्यापार और बाल श्रम से संबंधित 506 कांड दर्ज किए गए, जिसमें 1487 पीड़ितों को शोषण से मुक्त कराते हुए 437 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों को संवेदनशील होना बेहद आवश्यक है। प्रत्येक जिला में इसके लिए अलग से जिलास्तरीय मानव व्यापार निरोध इकाई (डीएल-एएचटीयू) गठित हैं। इसमें मानव बल की भी कमी नहीं है। राज्य में पुलिस और रेलवे जिला समेत सभी 44 जिलों के अलावा तीन हवाई अड्डों पटना, गया और दरभंगा में भी एएचटीयू गठित हैं। पूर्णिया हवाई अड्डों पर इसके गठन की प्रक्रिया चल रही है। मानव तस्करी से जुड़े मामलों में जिला पुलिस के मार्गदर्शन के लिए दो मानक कार्य प्रणाली (एसओपी) निर्धारित कर दी गई है। इसके साथ ही मानव व्यापार निरोध इकाई के प्रभारी पुलिस निरीक्षक के कर्तव्य और दायित्वों का निर्धारण तथा लापता एवं गुमशुदा बालकों के मामलों में कांड का उद्भेदन के लिए भी मार्गदर्शिका भी कमजोर वर्ग के स्तर से जारी है। इनका पालन करते हुए इस तरह के मामलों का निपटारा जल्द से जल्द करने की कोशिश करने की आवश्यकता है।

डीजीपी ने कहा कि गुमशुदगी के मामलों में समय ही सबसे बड़ी पूंजी होती है। इन मामलों में जितनी तत्परता दिखाई जाएगी, उसके उद्भेदन की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि सभी जिले गुमशुदगी से जुड़े जटिल कांड़ों को ट्रेस कराएं। उन्होंने मानव तस्करी और अनैतिक देह व्यापार के उन्मूलन के लिए अलग-अलग एजेंसियों को एक साथ मिलकर काम करने पर खासतौर से जोर दिया। इस मौके पर इस वर्ष 1 से 20 अप्रैल तक ऑपरेशन नया सवेरा 2.0 चलाने की घोषणा की गई।

कार्यशाला के दौरान मुख्य वक्ता के तौर पर एनडीआरएफ के सेवानिवृत पुलिस महानिदेशक डॉ. पीएम नायर ने मानव तस्करी और बंधुआ मंजदूरी के विभिन्न पहलूओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर एडीजी (कमजोर वर्ग) डॉ. अमित कुमार जैन समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।