Ad Image
Ad Image
असम में दुर्घटनाग्रस्त सुखोई 30 के दोनों पायलट शहीद: वायु सेना प्रवक्ता || JDU की बैठक में निशांत के नाम पर लग सकती है नीतीश कुमार की मुहर || आज शाम JDU की अहम बैठक: अटकलों पर लगेगा विराम, तस्वीर होगी साफ || नीतीश कुमार ने नामांकन के बाद आज शाम 5 बजे बुलाई JDU की बैठक || कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सिंघवी समेत 6 उम्मीदवारों की घोषणा की || बिहार में सियासी तूफान तेज: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा || प. एशिया युद्ध संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट जारी || समस्तीपुर: दो लाख के ईनामी जाली नोट कारोबारी को NIA ने किया गिरफ्तार || AIR इंडिया आज यूरोप, अमेरिका के लिए फिर से शुरू करेगी विमान सेवा || नागपुर: SBL एनर्जी विस्फोट में 18 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

मोंथा का कहर: आंध्र तट की ओर बढ़ा तूफान, कई राज्यों में अलर्ट

स्टेट डेस्क, वेरॉनिका राय |

तेजी से बढ़ रहा चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ (Cyclone Montha) अब आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की कगार पर है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, यह गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल चुका है और मंगलवार शाम या रात तक मछलीपट्टनम और कालिंगपट्टनम के बीच काकिनाड़ा के पास समुद्र तट से टकरा सकता है। तूफान के कारण कई राज्यों में अलर्ट जारी कर दिया गया है, वहीं सरकार ने आपदा प्रबंधन के इंतजाम तेज कर दिए हैं।

हवा की रफ्तार 110 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है

मौसम विभाग के मुताबिक, मोंथा इस समय पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में स्थित है और 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। यह धीरे-धीरे और तेज होकर गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले चुका है।
आईएमडी के महानिदेशक डॉ. एम. मोहापात्रा ने बताया कि तट से टकराने के समय हवा की गति 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहेगी और झोंके 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। इससे समुद्र में ऊंची लहरें उठेंगी और तटीय इलाकों में भारी तबाही की आशंका है।

पांच राज्यों में अलर्ट, NDRF की टीमें तैनात

सरकार ने संभावित नुकसान को देखते हुए आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और छत्तीसगढ़ में कुल 22 एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीमें तैनात कर दी हैं। सभी तटीय जिलों में राहत और बचाव दल तैयार रखे गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से बात कर केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

ट्रेनें और फ्लाइट्स रद्द, स्कूल बंद

तूफान के कारण यातायात पर भी भारी असर पड़ा है। दक्षिण मध्य रेलवे और पूर्वी तट रेलवे ने अगले दो दिनों के लिए 100 से अधिक ट्रेनें रद्द कर दी हैं। वहीं, तूफान की दिशा और तेज हवाओं की संभावना के चलते कई फ्लाइट्स भी रद्द या स्थगित की गई हैं। स्कूलों और कॉलेजों को अगले आदेश तक बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

समुद्र में उफान, मछुआरों को चेतावनी

आईएमडी ने चेतावनी दी है कि समुद्र अत्यंत उग्र हो गया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। सभी बीच (समुद्र तटों) को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान तेज कर दिया है। राहत शिविरों में हजारों लोगों को अस्थायी रूप से शिफ्ट किया गया है।

भारी बारिश की संभावना

आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 से 30 अक्टूबर तक आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु में भारी बारिश होगी। ओडिशा के आठ दक्षिणी जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहां पहले से ही हल्की बारिश शुरू हो चुकी है।
मौसम विभाग का कहना है कि आंध्र प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित होगा, इसके बाद तूफान ओडिशा और फिर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा।

लोगों से घरों में रहने की अपील

सरकार और प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। बिजली और इंटरनेट सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है, इसलिए आवश्यक वस्तुओं का स्टॉक रखने की सलाह दी गई है।

‘मोंथा’ से निपटने की तैयारियां

राज्य और केंद्र सरकार ने संयुक्त रूप से तैयारी की है। राहत शिविरों में पानी, भोजन, दवाइयों और बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। एनडीआरएफ के साथ-साथ स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग की टीमें चौबीसों घंटे निगरानी में जुटी हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, अगर तूफान की दिशा बदली तो तत्काल बचाव अभियान को और तेज किया जाएगा।

संक्षेप में:

  • चक्रवात ‘मोंथा’ गंभीर रूप ले चुका है।
  • 110 किमी/घंटा तक की तेज हवाओं का खतरा।
  • आंध्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और छत्तीसगढ़ में अलर्ट।
  • स्कूल बंद, ट्रेनें और फ्लाइट्स रद्द।
  • मछुआरों को समुद्र में जाने से रोका गया।
  • हजारों लोग राहत शिविरों में भेजे गए।

मौसम विभाग ने कहा है कि अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।