लोकल डेस्क, एन के सिंह।
विशेषज्ञों ने सिखाए स्वस्थ रहने के सूत्र। मोटापा, मधुमेह, बीपी और थायरॉयड जैसी बीमारियों को बिना दवा प्राकृतिक जीवनशैली से ठीक करने का मिला व्यावहारिक मार्गदर्शन।
रक्सौल: वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित खान-पान के बीच स्वस्थ रहने की कला सिखाने के उद्देश्य से शहर के नागा रोड स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सुख-शांति भवन में एक भव्य स्वास्थ्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। 'नई आहार प्रणाली' (New Diet System - NDS) पर आधारित इस निःशुल्क कार्यशाला ने नगरवासियों को बिना दवा के स्वस्थ रहने की नई राह दिखाई।
आध्यात्मिक और सामाजिक गणमान्यों द्वारा दीप प्रज्वलन
कार्यक्रम का शुभारंभ दिल्ली से आए प्रख्यात आहार विशेषज्ञ सीए सुनील कुमार गुप्ता, राजयोगिनी बी.के. ज्ञानू दीदी, राजयोगिनी बी.के. बेला दीदी, रौनियार वैश्य समिति के अध्यक्ष शिवपूजन प्रसाद और लायंस क्लब के अध्यक्ष बिमल कुमार सर्राफ ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया। ॐ की ध्वनि और गायत्री मंत्र के पवित्र उच्चारण के साथ पूरा वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भर गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी परिवार ने भारतीय संस्कृति के अनुरूप अतिथियों का चंदन तिलक लगाकर और अंगवस्त्रम भेंट कर आत्मीय अभिनंदन किया।
प्रकृति की ओर लौटने का संदेश
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता सीए सुनील कुमार गुप्ता ने 'नई आहार प्रणाली' की वैज्ञानिकता और इसके आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्रीरामचरितमानस के संदर्भों का उल्लेख करते हुए बताया कि हमारा शरीर पांच तत्वों से बना है और प्रकृति में ही इसका उपचार छिपा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सूर्य की किरणों से पके हुए प्राकृतिक भोजन (कच्चे फल, सब्जियां, अंकुरित अनाज) को अपनाकर हम न केवल दवाइयों से छुटकारा पा सकते हैं, बल्कि अपनी शारीरिक और मानसिक ऊर्जा को भी कई गुना बढ़ा सकते हैं।
गंभीर बीमारियों का सरल समाधान
विशेषज्ञ ने बताया कि आज समाज में बढ़ते मोटापा, मधुमेह (डायबिटीज), उच्च रक्तचाप, थायरॉयड, अस्थमा, गठिया और माइग्रेन जैसी समस्याओं का मूल कारण गलत खान-पान और दूषित जीवनशैली है। NDS प्रणाली के माध्यम से रसाहार, उपवास और अनुशासित दिनचर्या को अपनाकर इन असाध्य रोगों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। कार्यशाला में उपस्थित लोगों को 'एनिमा' के महत्व और शरीर की आंतरिक शुद्धि की बारीकियों से भी अवगत कराया गया।
जनकल्याण के लिए सराहनीय पहल
राजयोगिनी बी.के. ज्ञानू दीदी ने इस सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है और ऐसे कार्यक्रम समाज को नई दिशा प्रदान करते हैं। कार्यक्रम का कुशल संचालन बी.के. गोकुल भ्राता ने किया, वहीं कार्यक्रम के समापन पर शिवपूजन प्रसाद ने सभी आगंतुकों और आयोजकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस विशेष कार्यशाला में नगर के प्रबुद्ध नागरिक, स्वास्थ्य प्रेमी और ब्रह्माकुमारी परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिनमें बी.के. आकाश, रजनीश प्रियदर्शी, अरुण कुमार गुप्ता, राजकुमार रौनियार, अरविंद जायसवाल, साइमन रेक्स, प्रीति सर्राफ और शाम्भवी जायसवाल प्रमुख थे।







