विदेश डेस्क, ऋषि राज |
यरुशलम : अमेरिका और ईरान के बीच हालिया समझौते के बावजूद इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में अपनी सैन्य मौजूदगी बनाए रखने का फैसला किया है। इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) ने कहा है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ जारी अभियान और उत्तरी सीमाओं की सुरक्षा को देखते हुए सैनिकों की तैनाती जारी रहेगी।
आईडीएफ ने दक्षिणी लेबनान में अपने सुरक्षा क्षेत्र का नया मानचित्र जारी करते हुए बताया कि उसके सैनिक सीमा के भीतर लगभग 10 किलोमीटर तक रणनीतिक क्षेत्रों में मौजूद रहेंगे। इजरायल का कहना है कि यह कदम उसके नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।
रक्षा अधिकारियों के अनुसार, हिजबुल्लाह की गतिविधियां अब भी क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बनी हुई हैं। सेना ने दावा किया कि हाल के महीनों में सीमा पार से कई हमलों की कोशिशें नाकाम की गई हैं।
इस बीच लेबनान सरकार और संयुक्त राष्ट्र ने इजरायल से संयम बरतने और क्षेत्रीय तनाव को और न बढ़ाने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन ने कहा कि दोनों पक्षों को कूटनीतिक रास्ते अपनाने चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान समझौते के बाद भी पश्चिम एशिया में स्थिरता पूरी तरह बहाल नहीं हुई है। इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव बना रहना पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है।
इजरायल ने स्पष्ट किया है कि जब तक खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं होता, तब तक दक्षिणी लेबनान में सैन्य अभियान जारी रहेगा।







