एंटरटेनमेंट डेस्क, मुस्कान कुमारी।
दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म 'सतलुज' भारत में सरकारी आदेश पर प्लेटफॉर्म से हटा ली गई, लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान में इस पर जोरदार बहस छिड़ गई है। पाकिस्तानी नागरिक फिल्म को अपने यहां सिनेमाघरों में रिलीज करने की मांग कर रहे हैं, खासकर पंजाब में।
फिल्म 80-90 के दशक के पंजाब में मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी पर आधारित है, जो फर्जी मुठभेड़ों की जांच कर रही थी। भारत में सीबीएफसी से सर्टिफिकेशन न मिलने के बाद फिल्म आखिरकार जेड5 पर रिलीज हुई, लेकिन महज 48 घंटे में हटा दी गई। सरकार का कहना था कि फिल्म के कुछ हिस्से भारत के खिलाफ इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
पाकिस्तान में उठी स्क्रीनिंग की मांग
फिल्म हटाए जाने के बाद पाकिस्तान में चर्चा तेज हो गई। पूर्व पंजाब सूचना मंत्री और पीटीआई नेता फवाद चौधरी ने पूछा कि पाकिस्तानी फिल्म कहां देख सकते हैं। पाकिस्तानी पत्रकार फैसल हुसैन ने लिखा कि पाकिस्तान सरकार को पूरे देश खासकर पंजाब में फिल्म की स्क्रीनिंग की इजाजत देनी चाहिए। उन्होंने इसे भारत की राज्य हिंसा का दस्तावेज बताया।
कई पाकिस्तानी यूजर्स ने फिल्म में दिखाई गई सिखों की दमनकारी स्थिति को अपने देश की मजबूर जबरन गुमशुदगी से जोड़ा। एक यूजर लुबना सईद ने लिखा कि फिल्म में दिखाई जा रही पुलिसिया ज्यादतियां आज पाकिस्तान में उनके साथ हो रही हैं।
'हमारी समस्या vs उनकी समस्या' की बहस
बहस जल्द ही 'भारत vs पाकिस्तान' की टक्कर में बदल गई। कुछ पाकिस्तानी नेताओं और यूजर्स ने फिल्म को पंजाब में दिखाने का सुझाव दिया, जबकि अन्य ने इस पर सवाल उठाया। पाकिस्तानी वकील अबुजर सलमान नियाजी ने पूछा कि क्या पाकिस्तानी लोग अपने देश की संवेदनशील घटनाओं जैसे हमूदुर रहमान कमीशन, मार्शल लॉ या गुमशुदा व्यक्तियों पर बनी फिल्म का समर्थन करेंगे?
नियाजी ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आजादी जरूरी है, लेकिन पाकिस्तान में खुद की समस्याओं पर चुप्पी साधने वाले भारत की सेंसरशिप पर सवाल उठा रहे हैं। फवाद चौधरी ने फिल्म देखने के बाद पाकिस्तान की मौजूदा पंजाब आईएंडबी मंत्री उजमा बुखारी से अपील की कि वे इसे क्राइम कंट्रोल विभाग के लिए स्क्रीन करें, ताकि लोग समझ सकें कि निर्दोषों की हत्या कितनी बड़ी त्रासदी है। फिल्म में दिलजीत दोसांझ के अलावा कंवलजीत सिंह, अर्जुन रामपाल, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहलयान मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म हनी त्रेहन द्वारा निर्देशित है।







