नेशनल डेस्क, मुस्कान सिंह।
नई दिल्ली: देशभर में बढ़ते साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बैंक के चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इन कर्मचारियों पर साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले फर्जी बैंक खातों को खोलने, उनका संचालन कराने और अपराधियों को वित्तीय लेन-देन में सहायता पहुंचाने का आरोप है। यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस के विशेष अभियान ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड 5.0’ के तहत की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हाल के महीनों में देश के विभिन्न राज्यों से ऑनलाइन ठगी, डिजिटल फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाओं, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी और अन्य साइबर अपराधों की बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन मामलों की जांच के दौरान ऐसे कई बैंक खातों का पता चला जिनमें ठगी की रकम जमा की जा रही थी और बाद में उसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर ट्रैकिंग से बचने की कोशिश की जा रही थी।
जांच के दौरान सामने आया कि कुछ बैंक कर्मचारी कथित रूप से बैंकिंग नियमों और केवाईसी मानकों की अनदेखी कर संदिग्ध व्यक्तियों के नाम पर खाते खुलवाने में मदद कर रहे थे। आरोप है कि इन खातों का उपयोग साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम को इकट्ठा करने, उसे विभिन्न खातों में भेजने और बाद में नकद निकासी या अन्य माध्यमों से निकालने के लिए किया जाता था।
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की जांच के बाद चार कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन कर्मचारियों ने कितने फर्जी या संदिग्ध खाते खुलवाए और उनके माध्यम से अब तक कितनी राशि का लेन-देन हुआ। अधिकारियों का मानना है कि साइबर अपराधी सीधे तौर पर बैंकिंग व्यवस्था का दुरुपयोग नहीं कर सकते, इसलिए वे ऐसे लोगों की तलाश करते हैं जो बैंकिंग प्रक्रियाओं में उनकी मदद कर सकें। यदि बैंक कर्मचारी ही नियमों का पालन न करें तो साइबर अपराधियों के लिए फर्जी खातों का नेटवर्क तैयार करना आसान हो जाता है। यही कारण है कि इस मामले को बेहद गंभीर माना जा रहा है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरफ्तार कर्मचारी किसी बड़े संगठित साइबर गिरोह के संपर्क में थे या नहीं। संभावना जताई जा रही है कि इनके माध्यम से संचालित खातों का उपयोग कई राज्यों में हुई साइबर ठगी की घटनाओं में किया गया हो सकता है। जांच एजेंसियां बैंक खातों के ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं।
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड 5.0’ के तहत साइबर अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने, फर्जी बैंक खातों की पहचान करने और ठगी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि, निवेश योजना या बैंकिंग कॉल के प्रति सतर्क रहें और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
मामले में गिरफ्तार चारों कर्मचारियों से पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क तथा उसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकेगी। यह कार्रवाई साइबर अपराधों के खिलाफ चल रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।







