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सारण की बेटी का कमाल, घर में बनाया ड्रायर, अब देशभर में हो रही चर्चा

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।

गांव में बना देसी ड्रायर, मिला पेटेंट और अवार्ड...जानिए पूरी कहानी

- सफल स्टार्टअप की धरती बन रहा बिहार उद्यमी की रेस में महिला भी शुमार 
- बाढ़ग्रसित इलाकों में भोजपट्टा एग्रीटेक अपने प्रोडक्ट से किसानों के लिए बन रहा वरदान

-    दंपति ने पढ़ाई पूरी कर नौकरी करने के बजाय रखी सफल स्टार्टअप की नींव 
-    सारण के महमदपुर गांव से निकले स्टार्टअप को देश व दुनिया में मिली नई पहचान
 

पटना, बिहार में स्टार्टअप योजना के लाभ से प्रदेश में उभरते उद्यमियों को अपनी पहचान कायम करने में बहुत बड़ा योगदान कायम किया है। इसकी कड़ी में राज्य के सारण जिले के महमदपुर गांव में रहने वाली महिला गुड़िया कुमारी होम साइंस विषय से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करने के बजाय भोजपट्टा एग्रीटेक स्टार्टअप लांच करने की योजना बनायी। उन्होंने बताया कि 2012 में केला रेसा यानि फाइबर को खरीदने के लिए किसानों के पास जाया करती थी। एक बार हाजीपुर व सारण का इलाका बाढ़ से ग्रसित हो गया। जिससे केला पैदा करने वाले किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। तभी उन्होंने फल व सब्जी को सुखाने व हल्का रखने के लिए अपने गांव में ही पहला ड्राइयर बनाया और एक किसान को इस्तेमाल करने के लिए दिया। जो बिल्कुल सफल साबित रहा। 

2023 में स्टार्टअप बिहार ने बदली दुनिया ऋण के साथ प्रमोशन में भी बड़ा योगदान

वहीं भोजपट्टा के को-फाउंडर व गुड़िया कुमारी के पति नीतीश कुमार ने बताया कि 2023 में उद्योग विभाग की स्टार्टअप योजना के लाभ से 9 लाख का ऋण प्राप्त हुआ। योजना ने हमारे स्टार्टअप को देश व दुनिया के बड़े प्लेटफॉर्म पर प्रमोट करने में भी अहम भूमिका निभाई। भोजपट्टा एग्रीटेक के ड्राइयर को उन्होंने खुद ही डिजाइन किया है। जिसका उन्हें पेटेंट भी मिल चुका है। 

बाढ़ग्रसित हजारों किसानों के वरदान बना प्रोडक्ट

भोजपट्टा एग्रीटेक के 250 ड्रायर अबतक बिक चुके है। जिससे बिहार के बाढ़ ग्रसित इलाके में खेती करने वाले किसान इसके लाभ से अपने फल व सब्जियों को तैयार करके दोगुनी आय अर्जित कर रहे है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अपने प्रोडक्ट के दम पर उन्हें कई अवार्ड से सम्मानित भी किया गया है। जिसमें महारथी अवार्ड, ग्रीन इनर्जी चैलेंज अवार्ड में 10 लाख रुपये व आइआइटी कानपुर से 12 लाख का प्रोत्साहन फंडिंग दिया जा चुका है। बिहार अब शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ उद्योग-उद्यम की भूमि बनकर उभर रहा है। एनडीए की डबल इंजन की सरकार में समृद्ध भारत संपूर्ण बिहार में तेजी से बदल रहा है।