Ad Image
Ad Image
ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी || अहमदाबाद - मुंबई हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसा, 12 की मौत 25 से ज्यादा घायल || राष्ट्रपति ट्रंप का दावा: समझौते के लिए ईरान बेताब, ईरान का इनकार

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

सियासी हलचल: बगावत से घिरीं ममता बनर्जी को कांग्रेस का बड़ा ऑफर

नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय |

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद राज्य की सत्ताधारी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस समय अपने 28 साल के इतिहास के सबसे गंभीर आंतरिक संकट और बिखराव के दौर से गुजर रही है। पार्टी के भीतर जारी इस अप्रत्याशित बगावत और आंतरिक उथल-पुथल के बीच, दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में उस समय सरगर्मियां तेज हो गईं जब तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के आवास 10, जनपथ पर जाकर उनसे बंद कमरे में लंबी मुलाकात की। विपक्षी 'INDIA' गठबंधन की बैठक से इतर हुई इस उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक के बाद से ही दोनों दलों के भविष्य और राजनीतिक विलय की अटकलों को हवा मिल रही है।  

वास्तविक घटनाक्रम के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस में राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के बढ़ते संगठनात्मक प्रभाव को लेकर पार्टी के पुराने और वरिष्ठ विधायकों व सांसदों के बीच लंबे समय से असंतोष पनप रहा था। हालिया चुनावी झटके के बाद यह मतभेद पूरी तरह सतह पर आ गया और ऋतब्रत बनर्जी (Ritabrata Banerjee) के नेतृत्व में असंतुष्ट विधायकों के एक बड़े धड़े ने बगावत का बिगुल फूंकते हुए विधायी दल पर अपना नियंत्रण जताने का प्रयास किया है। हालांकि, बागी गुट का कहना है कि वे ममता बनर्जी के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि वे अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली के विरोध में हैं। इस आंतरिक संकट को देखते हुए ममता बनर्जी ने खुद कमान संभालते हुए बंगाल में सभी पुरानी समितियों को भंग कर दिया है और डैमेज कंट्रोल के लिए बागी नेताओं से व्यक्तिगत संपर्क साध रही हैं।  
इस गंभीर संकट के बीच दिल्ली में सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की रणनीतिक मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों से बड़ी खबरें छनकर आ रही हैं। शीर्ष सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व ने ममता बनर्जी को संकट से उबरने और भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए तृणमूल कांग्रेस का भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) में विलय करने अथवा एक साथ मिलकर नया मोर्चा बनाने का औपचारिक विकल्प दिया है। राजनीतिक कयासों के अनुसार, ममता बनर्जी को कांग्रेस संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर उपराष्ट्रपति (Vice President) जैसे महत्वपूर्ण पद की पेशकश की बात कही जा रही है। इसके साथ ही अभिषेक बनर्जी और राहुल गांधी के बीच भी करीब डेढ़ घंटे तक गहन विचार-विमर्श हुआ है।  

हालांकि, टीएमसी के आधिकारिक सूत्रों या स्वयं ममता बनर्जी की ओर से कांग्रेस में शामिल होने अथवा विलय के प्रस्ताव पर कोई अंतिम मुहर नहीं लगाई गई है। जानकारों का मानना है कि ममता बनर्जी ने इस प्रस्ताव पर विचार करने के लिए समय मांगा है क्योंकि साल 1998 में कांग्रेस से अलग होकर उन्होंने जिस क्षेत्रीय स्वाभिमान और संगठन को खड़ा किया था, उसे सीधे तौर पर विलीन करना उनके लिए एक बड़ा राजनीतिक जोखिम हो सकता है। फिलहाल, बंगाली राजनीति का यह आंतरिक टकराव अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच चुका है, जहां एक तरफ ममता बनर्जी कोलकाता में अपने विधायकों को टूटने से बचाने की कोशिश कर रही हैं और दूसरी तरफ दिल्ली में कांग्रेस के साथ अपने भविष्य के समीकरण तलाश रही हैं।