Ad Image
Ad Image
मेरठ: भीषण आग में एक ही परिवार के 5 बच्चों समेत छह की मौत || भोपाल: खड़गे और राहुल गांधी किसान महापंचायत को करेंगे संबोधित || लुधियाना से मोतिहारी आ रही डबल डेकर बस पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर पलटी || रांची से दिल्ली जा रहा एयर एम्बुलेंस चतरा में दुर्घटनाग्रस्त, 7 की मौत || मैक्सिको के इंटरनेशनल ड्रग कार्टेल लीडर एल मंचों की मौत, हिंसा जारी || प. बंगाल के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय का निधन, किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे रॉय || JNU में देर रात बवाल, दो छात्र गुटों के बीच चले लाठी डंडे || चुनाव आयोग ने SIR को लेकर 22 राज्यों को भेजा पत्र || PM मोदी ने कहा: AI मानवता की भलाई के लिए, इसे बड़े अवसर में बदलना जरूरी || किरन रिजिजू ने कहा, भारत में अल्पसंख्यक पूरी तरह सुरक्षित

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

सुप्रीम कोर्ट ने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर केंद्र और लद्दाख प्रशासन से मांगा जवाब

नेशनल डेस्क, श्रेया पांडेय |

लद्दाख के प्रसिद्ध क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और लद्दाख प्रशासन को नोटिस जारी किया है। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने केंद्र और लद्दाख प्रशासन से पूछा है कि सोनम वांगचुक को आखिर क्यों रिहा नहीं किया जाना चाहिए। वांगचुक को 26 सितंबर को लद्दाख में हिंसक विरोध प्रदर्शन भड़काने के आरोप में हिरासत में लिया गया था और फिलहाल वे जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं।

सोनम वांगचुक पर हिंसा भड़काने वाले बयान देने का आरोप है, जिसके बाद उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की गई। उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि उनके पति को अवैध तरीके से हिरासत में रखा गया है और उन्हें किसी वैधानिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार नहीं किया गया। गीतांजलि ने अदालत से मांग की है कि उनके पति को तुरंत रिहा किया जाए और उन्हें अपने पति से फोन पर बात करने और मुलाकात करने की अनुमति दी जाए। इसके अलावा जेल में उचित दवा, भोजन और कपड़ों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।

सुनवाई के दौरान वांगचुक की पत्नी की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि सोनम वांगचुक को किस आधार पर गिरफ्तार किया गया है, इसकी जानकारी तक नहीं दी गई है। सिब्बल ने कहा कि यह गिरफ्तारी राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि एक एक्टिविस्ट को चुप कराने की कोशिश है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वांगचुक गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, जो उनका संवैधानिक अधिकार है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति को गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी दी गई है और जल्द ही इसकी एक कॉपी पत्नी को भी सौंपी जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और लद्दाख प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई की तारीख 14 अक्टूबर तय की है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि सोनम वांगचुक को जेल में उचित चिकित्सा सुविधा दी जाए। अब देखना यह है कि केंद्र सरकार और लद्दाख प्रशासन इस मामले में क्या जवाब देते हैं और सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के क्या कारण बताते हैं.