Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

सेवा से बर्खास्त विशेष सर्वेक्षण कर्मियों की बहाली की मांग, भाकपा ने किया समर्थन

स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी |

पटना: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने रविवार को बयान जारी करते हुए विशेष सर्वेक्षण के संविदा कर्मियों के आंदोलन को पूरा समर्थन दिया और राज्य सरकार से अपील की कि जिन कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है, उनकी तत्काल बहाली सुनिश्चित की जाए।

श्री पाण्डेय ने कहा कि विशेष सर्वेक्षण में कार्यरत संविदाकर्मी लंबे समय से अपनी जायज़ मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करना चाहिए और कर्मियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए ताकि आंदोलनरत कर्मचारियों को राहत मिल सके और जिनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, उन्हें पुनः काम पर रखा जा सके।

भाकपा राज्य सचिव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह विडंबना है कि चुनावी साल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जहां एक ओर सरकारी खजाना खोलने की घोषणाएं कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर युवाओं को रोजगार से वंचित किया जा रहा है और पहले से कार्यरत संविदाकर्मियों को प्रताड़ित करके सेवा से बाहर किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं के सामने रोजगार का गंभीर संकट है। बड़ी संख्या में राज्य के युवा रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि नेशनल सैंपल सर्वे ऑर्गेनाइजेशन (एनएसएसओ) की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार से पलायन करने वालों में लगभग 55 प्रतिशत पुरुष केवल नौकरी और रोजगार की तलाश में राज्य छोड़ने को विवश हैं।

श्री पाण्डेय ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह युवाओं के हितों के साथ खिलवाड़ करना बंद करे और तुरंत विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मियों की सेवाओं को बहाल करते हुए उनकी जायज़ मांगों को पूरा करे।