नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
नई दिल्ली। KLM Royal Dutch Airlines से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक परिवार को भारी खर्च करने के बावजूद फ्लाइट में बोर्डिंग से रोक दिया गया। घटना के बाद विवाद बढ़ा और मामला कोर्ट तक पहुंच गया है।
जानकारी के अनुसार, परिवार ने अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए बिजनेस क्लास की 8 नॉन-रिफंडेबल टिकटें बुक की थीं, जिन पर करीब 49 लाख रुपये खर्च किए गए थे। यह यात्रा एक विशेष पारिवारिक ट्रिप के तौर पर योजनाबद्ध थी और सभी सदस्य समय से पहले एयरपोर्ट पहुंच गए थे।
हालांकि उड़ान से ठीक पहले एयरलाइन स्टाफ ने परिवार को बोर्डिंग की अनुमति देने से इनकार कर दिया। एयरलाइन का कहना था कि यात्रियों के पास पेरू जाने के लिए आवश्यक वीजा नहीं है, जिसके चलते उन्हें रोका गया।
वहीं परिवार ने एयरलाइन के इस फैसले को गलत ठहराते हुए कहा कि नियमों की गलत व्याख्या की गई। उनका दावा है कि अमेरिका, यूके या शेंगेन वीजा रखने वाले यात्रियों को अलग से पेरू वीजा की आवश्यकता नहीं होती है।
घटना के बाद मामला कानूनी रूप लेता गया और कोर्ट में याचिका दायर की गई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए एयरलाइन के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया।
पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें “रेड फ्लैग” कर दिया गया, जिससे उनकी आगे की यात्राओं में भी बाधाएं आईं। परिवार के कुछ सदस्यों को अन्य देशों में अतिरिक्त पूछताछ का सामना भी करना पड़ा।
वहीं एयरलाइन ने अपनी सफाई में कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय यात्रा नियमों का सख्ती से पालन करती है और यात्रियों के पास सभी जरूरी दस्तावेज होना अनिवार्य है। हालांकि, कंपनी ने इस घटना से हुई असुविधा के लिए खेद भी जताया है।







