Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

6 साल में 2352 जलस्रोतों का जीर्णोद्धार, लघु जल संसाधन विभाग की बड़ी उपलब्धि

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।

-जल-जीवन-हरियाली अभियान दिवस पर जल भवन में 15 विभागों के बीच "सार्वजनिक जल संसाधनों का जीर्णोद्धार, चुनौतियां और अवसर" विषय पर परिचर्चा

-401 तालाब, 861 आहर-पईंन, 90 चेक डैम—जल प्रबंधन में बड़ा विस्तार

पटना, जल-जीवन-हरियाली दिवस पर मंगलवार को राइडिंग रोड,  शेखपुरा स्थित जल भवन में कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें बतौर मुख्य अतिथि,  जल-जीवन-हरियाली मिशन के निदेशक सुमित कुमार ने कहा कि जल संकट से बचाव और पर्यावरण सुरक्षा के लिहाज से तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का प्रयास आज सार्थक परिणाम लेकर सामने आया है।

उन्होंने कहा कि अभियान के अवयवों के क्रियान्वयन में लघु जल संसाधन विभाग महत्वपूर्ण कड़ी का काम कर रहा है। अभियान की सफलता का ही परिणाम है कि आज राज्य में सिंचाई सुविधा, हरित आवरण बढ़ने के साथ-साथ भूगर्भ जल पुनर्भरण की नई राह बनी है।  बता दें कि लघु संसाधन विभाग ने जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत राज्य भर में अभी तक जहां 1401 सार्वजनिक तालाबों, 861 आहर-पईंन की योजनाओं का जीर्णोद्धार करने में सफलता हासिल किया है। साथ ही 90 चेक डैम की योजनाओं को भी पूरा किया जा चुका है। 15 विभागों के नोडल पदाधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विभागीय अपर सचिव संगीता सिंह ने कहा कि बिहार की पारंपरिक जल संरचनाएं आहर,  पईन,  तालाब समृद्ध जल प्रबंधन की पहचान रही हैं।

यह वर्षा जल संचयन के साथ-साथ सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में मदद करती हैं। उन्होंने बताया कि लघु जल संसाधन विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की सफलता है कि आज राज्य भर में करीब दो लाख 49 हजार 293 हेक्टेयर सिंचाई कमांड क्षेत्र के पुनर्स्थापन के साथ-साथ एक हजार 90 लाख घन मीटर जल संचयन क्षमता का विकास हुआ है। यह आंकड़े नहीं बल्कि धरातल पर देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य के जल संकट की समस्याओं से निपटने के लिए जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने की जरूरत है। 

अभियंता प्रमुख सुनील कुमार ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए क्रियान्वित होने वाली विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने सार्वजनिक तालाब, आहर-पईंन आदि जल स्रोतों के निर्माण और जीर्णोद्धार में अतिक्रमण की समस्या से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग इन अतिक्रमणकारियों से सख्ती के साथ निपट रहा है। जिससे राज्य में नए जल स्रोतों का विकास और पुराने जल स्रोतों का जीर्णोद्धार संभव हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि प्रधान राज्य बिहार में जल की बड़ी महत्ता है। जल संरक्षण की जिम्मेदारी सिर्फ विभागों की ना होकर प्रत्येक नागरिक की भी है।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के राजीव कुमार ने अभियान के अवयव-5 के तहत किए जा रहे विभागीय कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अभियान के उद्देश्य को पूरा करने के लिए विभाग पौधरोपण, वृक्ष संरक्षण के साथ पर्यावरण सुरक्षा के प्रति लोगों को तेजी से जागरूक कर रहा है। यही वजह है कि हाल के वर्षों में राज्य में हरित आवरण के क्षेत्रफल में इजाफा हुआ है।

पंचायती राज विभाग से मो. तबरेज जिया ने सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार और सोख्ता के निर्माण की कार्ययोजनाओं से उपस्थिति पदाधिकारियों को रूबरू कराया। उन्होंने शॉर्ट वीडियो के सहारे ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक जलस्रोतों के निर्माण, जीर्णोद्धार और इससे आने वाली खुशहाली से अवगत कराया।  इस अवसर पर जल-जीवन-हरियाली मिशन के उप निदेशक राम कुमार पोद्दार, मुख्य अभियंता शशि भूषण चौधरी, जगन्नाथ पासवान, सुनील कुमार आदि की प्रमुख उपस्थिति रही।