Ad Image
Ad Image
मेरठ: भीषण आग में एक ही परिवार के 5 बच्चों समेत छह की मौत || भोपाल: खड़गे और राहुल गांधी किसान महापंचायत को करेंगे संबोधित || लुधियाना से मोतिहारी आ रही डबल डेकर बस पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर पलटी || रांची से दिल्ली जा रहा एयर एम्बुलेंस चतरा में दुर्घटनाग्रस्त, 7 की मौत || मैक्सिको के इंटरनेशनल ड्रग कार्टेल लीडर एल मंचों की मौत, हिंसा जारी || प. बंगाल के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय का निधन, किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे रॉय || JNU में देर रात बवाल, दो छात्र गुटों के बीच चले लाठी डंडे || चुनाव आयोग ने SIR को लेकर 22 राज्यों को भेजा पत्र || PM मोदी ने कहा: AI मानवता की भलाई के लिए, इसे बड़े अवसर में बदलना जरूरी || किरन रिजिजू ने कहा, भारत में अल्पसंख्यक पूरी तरह सुरक्षित

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

BB 19: अश्नूर ने कप्तानी छोड़कर घरवालों के राशन को दी प्राथमिकता

एंटरटेनमेंट डेस्क, श्रेयांश पराशर l

Bigg Boss 19 के हालिया एपिसोड में कप्तानी की टास्क ने प्रतियोगियों की प्राथमिकताओं को परखने का एक अनोखा मौका दिया। जहां ज्यादातर प्रतियोगी जीत पर फोकस कर रहे थे, वहीं अश्नूर कौर ने एक अलग राह चुनी। उन्होंने अपनी कप्तानी की संभावना त्याग दी और घरवालों के राशन की चिंता को प्राथमिकता दी।

टास्क के दौरान प्रतियोगियों को विभिन्न आइटम डिलीवर करने थे, जिनके चुनाव से कप्तानी या साप्ताहिक राशन प्रभावित होता। फर्हाना भट्ट और अभिषेक बाजाज ने प्रतियोगिता में आक्रामकता दिखाई, लेकिन अश्नूर की सोच सरल थी – घरवालों के खाने की चिंता। उन्होंने साफ कहा, “खाने के लिए जो बचा है वही मायने रखता है, थोड़ी सोच तो दिखाओ।”

जब Bigg Boss ने फर्हाना को कप्तानी के दावेदार के रूप में घोषित किया, तो राशन की गिनती भी सामने आई। इस दौरान अश्नूर ने परिणाम को शांतिपूर्वक स्वीकार किया, लेकिन उनके तर्क ने दर्शकों का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा, “मुझे घी दिखा, बाकि चीजें फालतू थीं। मैं ऐसे कप्तान नहीं बनना चाहती जो लोगों के खाने की परवाह न करे।”

सोशल मीडिया पर फैंस ने उनकी परिपक्वता और नेतृत्व क्षमता की जमकर तारीफ की। कई ने कहा कि भले ही अश्नूर कप्तानी न जीत पाईं, लेकिन उन्होंने असली नेता की तरह काम किया, और घरवालों की भलाई को अपनी प्राथमिकता बनाया।