विदेश डेस्क, श्रेयांश पराशर l
वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर नए हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में दक्षिणी ईरान स्थित सैन्य प्रतिष्ठानों के साथ-साथ वायु रक्षा प्रणालियों, रडार केंद्रों और ड्रोन कमांड एवं नियंत्रण इकाइयों को निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने एक बयान जारी कर कहा कि कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर अमेरिकी सेनाओं ने बुधवार रात ईरान के विभिन्न ठिकानों पर अतिरिक्त आत्मरक्षा हमले किए। बयान में दावा किया गया कि यह कार्रवाई ईरान की कथित आक्रामक गतिविधियों और क्षेत्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई है।
सेंटकॉम के अनुसार, हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य निगरानी क्षमताओं, संचार प्रणालियों और वायु रक्षा नेटवर्क को कमजोर करना था। अमेरिकी सेना ने कहा कि वह क्षेत्र में पूरी तरह सतर्क, सक्षम और किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर बातचीत में देरी करने का आरोप लगाया और संकेत दिया कि अमेरिका आगे भी कड़े कदम उठा सकता है। वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर ईरान के खिलाफ और सख्त सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।
दूसरी ओर, ईरानी मीडिया ने रिपोर्ट दी है कि बंदर अब्बास, सीरिक, कराज, मिनाब, मोह और अलबोर्ज प्रांत के कुछ इलाकों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, कराज शहर में हुए एक अमेरिकी हमले में दो लोग घायल हुए हैं। घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब दोनों देशों की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं।







