विदेश डेस्क, ऋषि राज |
तेहरान: पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि क्षेत्र में इजरायल की ओर से की जा रही सैन्य कार्रवाइयों और हाल के घटनाक्रमों के लिए अमेरिका भी समान रूप से जिम्मेदार है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इजरायल की नीतियों और सैन्य अभियानों को अमेरिकी समर्थन प्राप्त है, इसलिए क्षेत्र में उत्पन्न होने वाली किसी भी अस्थिरता के लिए केवल इजरायल को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अप्रैल में हुए युद्धविराम समझौते के बाद भी क्षेत्र में शांति कायम नहीं रह सकी है। उनका आरोप है कि इजरायल की गतिविधियों ने संघर्ष को और अधिक जटिल बना दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका स्वयं को शांति और स्थिरता का समर्थक बताता है, लेकिन उसके व्यवहार और नीतियों से अलग तस्वीर सामने आती है।
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यदि अमेरिका वास्तव में क्षेत्र में स्थायी शांति चाहता है तो उसे सभी पक्षों के प्रति संतुलित दृष्टिकोण अपनाना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वाशिंगटन की नीतियों ने लंबे समय से क्षेत्रीय तनाव को बढ़ावा दिया है और यही कारण है कि हालात सामान्य होने के बजाय और अधिक संवेदनशील होते जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति पहले से ही नाजुक बनी हुई है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठन भी कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर क्षेत्रीय कूटनीति को और जटिल बना सकता है। यदि दोनों पक्ष अपने रुख में नरमी नहीं दिखाते हैं तो आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ने की आशंका बनी रहेगी। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें क्षेत्र की स्थिति और संभावित कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हुई हैं।







