लोकल डेस्क, भिलाष गुप्ता |
वीरगंज : राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) पर्सा का प्रथम जिला अधिवेशन आज सुबह से पुनः शुरू होने जा रहा है। प्रतिनिधियों की सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उत्पन्न विवाद एवं झड़प के कारण शनिवार को स्थगित किया गया अधिवेशन, काठमांडू से आए पार्टी के संगठन विभाग सचिव शंकर श्रेष्ठ की उपस्थिति में हुई सहमति के बाद फिर से संचालित होने वाला है।
जिला सभापति हरि पन्त के अनुसार सुबह 8 बजे से खुला एवं बंद सत्र आयोजित कर नए नेतृत्व के चयन हेतु चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। अधिवेशन का समय-निर्धारण भी सार्वजनिक कर दिया गया है।
इससे पहले वीरगंज–9 स्थित होटल गेटवे में प्रतिनिधि चयन प्रक्रिया के दौरान दो समूहों के बीच विवाद बढ़ गया था। प्रतिनिधि मनोनयन एवं विभाग गठन प्रक्रिया पर असंतोष जताते हुए एक पक्ष ने निर्वाचन समिति को ज्ञापन पत्र सौंपकर विभाग गठन की कार्यवाही, निर्णय विवरण तथा प्रतिनिधि चयन के आधार को सार्वजनिक करने की मांग की थी।
कुछ समय के लिए चुनावी प्रक्रिया स्थगित कर दोबारा शुरू की गई, लेकिन विवाद झड़प में बदल गया। झड़प में महादेव प्रसाद कुर्मी, वीरेन्द्र साह और रन्दिप श्रीवास्तव घायल हो गए थे। उनका उपचार नारायणी अस्पताल में कराया गया। घटना में संलिप्त एक व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में लिया था, जबकि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया था।
रास्वपा पर्सा के भीतर एक समूह का नेतृत्व जिला सभापति तथा पर्सा–1 के सांसद हरि पन्त कर रहे हैं, जबकि दूसरे समूह में पर्सा–2 के सांसद सुशील साह कानु, रमाकान्त चौरसिया और टेकबहादुर शाक्य सहित अन्य नेता सक्रिय हैं। जिला सभापति पद के लिए हरि पन्त और सुशील कुमार कानु दोनों ने अपने-अपने पैनल के साथ उम्मीदवारी की घोषणा कर दी है।
कानु पक्ष के पैनल में रन्दिप श्रीवास्तव (उपसभापति), शिवकुमार साह (सचिव), नीरज साह (सह-सचिव), समीर अंसारी, महमुद अंसारी (सदस्य), शशीदेवी थरुनी तथा आशिका थापा (महिला सदस्य) शामिल हैं। वहीं पन्त पक्ष के पैनल में दिलीप कुर्मी (उपसभापति), सुदेश कुमार प्रजापति (सचिव), कृष्ण पासवान (सह-सचिव), तुलसा अधिकारी, प्रियंका पटेल, युवराज पटेल, पूर्णबहादुर सापकोटा तथा कामोद्या चौधरी सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।
इसी बीच रास्वपा पर्सा की वीरगंज महानगर समिति ने अधिवेशन के बाद पुनर्गठन प्रक्रिया पूरी होने तक अपने अधीन सभी विभागों और उपसमितियों को भंग करने की घोषणा की है।






