Ad Image
Ad Image
असम में दुर्घटनाग्रस्त सुखोई 30 के दोनों पायलट शहीद: वायु सेना प्रवक्ता || JDU की बैठक में निशांत के नाम पर लग सकती है नीतीश कुमार की मुहर || आज शाम JDU की अहम बैठक: अटकलों पर लगेगा विराम, तस्वीर होगी साफ || नीतीश कुमार ने नामांकन के बाद आज शाम 5 बजे बुलाई JDU की बैठक || कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए सिंघवी समेत 6 उम्मीदवारों की घोषणा की || बिहार में सियासी तूफान तेज: नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा || प. एशिया युद्ध संकट से शेयर बाजारों में भारी गिरावट जारी || समस्तीपुर: दो लाख के ईनामी जाली नोट कारोबारी को NIA ने किया गिरफ्तार || AIR इंडिया आज यूरोप, अमेरिका के लिए फिर से शुरू करेगी विमान सेवा || नागपुर: SBL एनर्जी विस्फोट में 18 की मौत, 24 से ज्यादा घायल

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता पर सख्त नजर, हर महीने 20 योजनाओं की अनिवार्य जांच

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।

- गुणवत्ता नियंत्रण के लिए विभाग का बड़ा फैसला, जियो-टैग रिपोर्ट से होगी हर कार्य की निगरानी
- अभियंता प्रमुख की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में लिया गया निर्णय

पटना, बिहार में ग्रामीण सड़कों और पुलों के निर्माण में उच्च गुणवत्ता बनाए रखने को लेकर ग्रामीण कार्य विभाग ने सोमवार को सख्त निर्देश जारी किए हैं। किसी निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जीरो टॉलरेंस और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करने को लेकर सोमवार को ग्रामीण कार्य विभाग के सभागार में अभियंता प्रमुख की अध्यक्षता में प्रयोगशाला, प्रमंडल एवं अंचल स्तर की जांच एवं गुणवत्ता नियंत्रण इकाई के पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न इस बैठक में निर्माण कार्यों की निरंतर निगरानी, आधुनिक गुणवत्ता परीक्षण और विभागीय जवाबदेही तय करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
      
इस दौरान यह निर्णय लिया गया कि सभी गुणवत्ता नियंत्रण पदाधिकारियों को हर महीने कम से कम 20 निर्माणाधीन पथों या पुलों की सघन जांच करना अनिवार्य होगा। पूर्ण पारदर्शिता के लिए अधिकारियों को कार्यस्थल की जियो-टैग तस्वीरों और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट के साथ एमआईएस पोर्टल पर अपनी रिपोर्ट अपलोड करना अनिवार्य होगा। निगरानी तंत्र को अधिक सख्त करते हुए विभाग ने स्पष्ट किया है कि रूटीन निरीक्षण की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर अपलोड करना होगा और जन शिकायतों की जांच रिपोर्ट 15 दिनों के अंदर अनिवार्य रूप से मुख्यालय को समर्पित करना होगा। इसके साथ ही, पीक्यूसी कार्यों में कंक्रीट की मजबूती परखने के लिए ढलाई के समय ही कार्यस्थल से नमूना लेना आवश्यक होगा, जिसकी पूर्व सूचना संबंधित अधिकारियों को देनी होगी। ग्रामीण कार्य विभाग का यह कदम राज्य में उच्च स्तरीय एवं टिकाऊ ग्रामीण सड़कों और पुलों का निर्माण सुनिश्चित करेगा।