नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
नयी दिल्ली, प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पूर्व प्रधानमंत्री Chandra Shekhar की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देशवासियों से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। यह अवसर उनके शताब्दी वर्ष की शुरुआत के रूप में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने एक सोशल मीडिया संदेश में चंद्र शेखर को साहसी, दृढ़ निश्चयी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित जननेता बताया। उन्होंने कहा कि यह समय उनके दिखाए रास्ते पर चलते हुए एक समृद्ध और न्यायपूर्ण भारत के निर्माण के संकल्प को फिर से मजबूत करने का है।
उन्होंने अपने संदेश में यह भी उल्लेख किया कि चंद्र शेखर का जीवन आम जनता से गहरे जुड़ाव का उदाहरण था। वे देश की मिट्टी से जुड़े हुए नेता थे, जो हमेशा लोगों की आकांक्षाओं और समस्याओं को समझने का प्रयास करते रहे।
प्रधानमंत्री मोदी ने उनके साथ बिताए व्यक्तिगत क्षणों को याद करते हुए कहा कि उन्हें कई बार उनसे मिलने और देश के विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का अवसर मिला, जो उनके लिए प्रेरणादायक रहा।
युवा वर्ग को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से अपील की कि वे चंद्र शेखर के विचारों, उनके संघर्षों और देश के लिए किए गए योगदानों के बारे में पढ़ें और उनसे सीख लें। उन्होंने कहा कि युवाओं को देश की राजनीतिक विरासत को समझना और उससे प्रेरणा लेना चाहिए।
चंद्र शेखर का राजनीतिक जीवन कई उतार-चढ़ावों से भरा रहा, लेकिन उन्होंने हमेशा अपनी स्वतंत्र सोच और स्पष्ट विचारों को बनाए रखा। वे नवंबर 1990 से जून 1991 तक देश के प्रधानमंत्री रहे और उस दौर में अपनी मजबूत नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया।
अपने शुरुआती राजनीतिक करियर में “युवा तुर्क” के रूप में पहचाने जाने वाले चंद्र शेखर एक प्रमुख समाजवादी नेता के रूप में उभरे। वे अपनी बेबाकी, ईमानदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते थे, और उनकी यही विरासत आज भी भारतीय राजनीति में प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।






