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जियो ब्लैकरॉक का शानदार डेब्यू: 2.1 बिलियन डॉलर जुटाए

नेशनल डेस्क, मुस्कान कुमारी |

जियो ब्लैकरॉक का शानदार डेब्यू: 2.1 बिलियन डॉलर जुटाए, 67,000 रिटेल और 90 संस्थागत निवेशकों का भरोसा

भारत के वित्तीय बाजार में एक नया अध्याय शुरू करते हुए, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और अमेरिका की ब्लैकरॉक के संयुक्त उद्यम जियो ब्लैकरॉक असेट मैनेजमेंट ने अपनी पहली न्यू फंड ऑफर (NFO) के जरिए 17,800 करोड़ रुपये (लगभग 2.1 बिलियन डॉलर) जुटाए। यह एनएफओ 30 जून से 2 जुलाई 2025 तक चला और इसमें 67,000 से अधिक रिटेल निवेशकों और 90 से अधिक संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया। इस शानदार शुरुआत ने जियो ब्लैकरॉक को भारत की शीर्ष 15 असेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) में शामिल कर दिया, खासकर डेट असेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) के मामले में।

तीन डेट स्कीम्स का लॉन्च  

इस एनएफओ में तीन ओपन-एंडेड डेट स्कीम्स शामिल थीं: जियो ब्लैकरॉक लिक्विड फंड, जियो ब्लैकरॉक मनी मार्केट फंड, और जियो ब्लैकरॉक ओवरनाइट फंड। ये फंड्स कम जोखिम और अल्पकालिक तरलता की तलाश करने वाले निवेशकों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। ये स्कीम्स उन लोगों के लिए आकर्षक विकल्प हैं जो बैंकों की घटती ब्याज दरों के बजाय स्थिर और सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं। जियो ब्लैकरॉक ने शून्य ब्रोकरेज और शून्य कमीशन मॉडल अपनाया, जिसने लागत-सचेत निवेशकों, विशेष रूप से पहली बार निवेश करने वालों को आकर्षित किया।

SEBI की मंजूरी और ब्लैकरॉक की वापसी  

जियो ब्लैकरॉक को 26 मई 2025 को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से म्यूचुअल फंड हाउस के रूप में काम करने की मंजूरी मिली। यह उद्यम जियो के डिजिटल इकोसिस्टम और ब्लैकरॉक की वैश्विक निवेश विशेषज्ञता का मिश्रण है। ब्लैकरॉक, जो 2018 में भारत से बाहर निकल गया था, इस साझेदारी के जरिए फिर से भारतीय बाजार में लौटा है। कंपनी अपने अलैडिन प्लेटफॉर्म का उपयोग जोखिम और पोर्टफोलियो प्रबंधन के लिए कर रही है, जबकि जियो का जियोफाइनेंस ऐप डिजिटल पहुंच को बढ़ावा दे रहा है।

वित्तीय समावेशन की दिशा में कदम  

भारत में म्यूचुअल फंड की पहुंच अभी भी सीमित है, जहां AUM-to-GDP अनुपात केवल 16% है, जबकि वैश्विक औसत 63% है। जियो ब्लैकरॉक इस अंतर को पाटने के लिए डिजिटल तकनीक और कम लागत वाले मॉडल का उपयोग कर रहा है। जियोफाइनेंस ऐप के जरिए यह कंपनी नए निवेशकों, खासकर छोटे और पहली बार निवेश करने वालों को बाजार में लाने का लक्ष्य रखती है। इसकी शून्य ब्रोकरेज नीति ने इसे उन लोगों के लिए आकर्षक बनाया है जो पारंपरिक निवेश विकल्पों से हटकर कुछ नया तलाश रहे हैं।

जियो ब्लैकरॉक ब्रोकिंग का आगाज  

जियो ब्लैकरॉक की सहायक कंपनी, जियो ब्लैकरॉक ब्रोकिंग, को जून 2025 में SEBI से स्टॉकब्रोकर और क्लीयरिंग मेंबर के रूप में काम करने की मंजूरी मिली। यह कंपनी शेयर, डेरिवेटिव्स, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय उत्पादों में ट्रेडिंग के लिए एक डिजिटल मंच प्रदान करेगी। जियो के विशाल डिजिटल और रिटेल नेटवर्क के साथ ब्लैकरॉक की निवेश विशेषज्ञता का यह संयोजन भारत के वित्तीय परिदृश्य को और मजबूत करेगा।

निवेशकों का भरोसा और बाजार में प्रवेश

केवल एक एनएफओ के साथ जियो ब्लैकरॉक ने डेट AUM के आधार पर भारत की शीर्ष 15 AMCs में जगह बना ली है। 67,000 रिटेल और 90 संस्थागत निवेशकों की भागीदारी इस संयुक्त उद्यम के प्रति भरोसे को दर्शाती है। जियो का डिजिटल नेटवर्क और ब्लैकरॉक की वैश्विक प्रतिष्ठा इस सफलता के प्रमुख कारक हैं। यह शुरुआत भारत में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और म्यूचुअल फंड बाजार को नए आयाम देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

भविष्य की योजनाएं

जियो ब्लैकरॉक भविष्य में इक्विटी और हाइब्रिड फंड जैसे अन्य निवेश उत्पाद लॉन्च करने की योजना बना रहा है। जियोफाइनेंस ऐप के जरिए डिजिटल निवेश को और बढ़ावा देना इसका प्रमुख लक्ष्य है। भारत में वित्तीय साक्षरता और निवेश की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए, यह साझेदारी म्यूचुअल फंड बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने की क्षमता रखती है।

जियो ब्लैकरॉक का यह डेब्यू कम लागत, डिजिटल पहुंच और वैश्विक विशेषज्ञता के मिश्रण के साथ भारत के वित्तीय बाजार में एक नया अध्याय शुरू करता है। यह उन निवेशकों के लिए एक आकर्षक अवसर है जो सुरक्षित और सुलभ निवेश विकल्पों की तलाश में हैं।