विदेश डेस्क, ऋषि राज |
तेहरान : तेल अवीव: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। तेहरान पर हुए हालिया हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल के कई सैन्य ठिकानों और हवाई अड्डों की दिशा में मिसाइलें दागीं। इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में व्यापक संघर्ष की आशंका को और बढ़ा दिया है।
सूत्रों के अनुसार, ईरान ने इस कार्रवाई को आत्मरक्षा का कदम बताया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि तेहरान पर हुए हमले के बाद जवाब देना आवश्यक था। दूसरी ओर, इजरायल ने अपनी वायु रक्षा प्रणाली को सक्रिय कर कई मिसाइलों को हवा में ही निष्क्रिय करने का दावा किया है।
घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता रहा है। अप्रैल में युद्धविराम समझौते के बाद उम्मीद की जा रही थी कि क्षेत्र में स्थिरता लौटेगी, लेकिन ताजा घटनाओं ने उन उम्मीदों को झटका दिया है। कई अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का मानना है कि दोनों देशों के बीच सीधा टकराव पूरे पश्चिम एशिया को प्रभावित कर सकता है।
अमेरिका समेत कई देशों ने संयम बरतने की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय का कहना है कि सैन्य कार्रवाई की जगह संवाद और कूटनीतिक प्रयासों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संघर्ष को फैलने से रोकने के लिए सदस्य देशों से सहयोग की अपील कर रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार, यदि दोनों पक्षों के बीच तनाव इसी तरह बना रहता है तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार मार्गों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है। विशेष रूप से तेल आपूर्ति से जुड़े देशों में चिंता बढ़ गई है। फिलहाल दोनों देशों की गतिविधियों पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है और आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाती है, यह वैश्विक राजनीति के लिए महत्वपूर्ण होगा।







