Ad Image
Ad Image
पप्पू यादव को लेकर पटना पुलिस IGMS पहुंची, स्वास्थ्य जांच की तैयारी || पप्पू यादव ने कहा: साजिश के तहत गिरफ्तारी, जान का है खतरा || पूर्णिया सांसद पप्पू यादव गिरफ्तार, 1995 के मामले में गिरफ्तारी || सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा हेट स्पीच मामले की आज सुनवाई की || लोकसभा से निलंबित सांसदों पर आसन पर कागज फेंकने का आरोप || लोकसभा से कांग्रेस के 7 और माकपा का 1 सांसद निलंबित || पटना: NEET की छात्रा के रेप और हत्या को लेकर सरकार पर जमकर बरसे तेजस्वी || स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, केशव मौर्य को होना चाहिए यूपी का CM || मतदाता दिवस विशेष: मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा 'मतदान राष्ट्रसेवा' || नितिन नबीन बनें भाजपा के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. लक्ष्मण ने की घोषणा

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

'द केरल स्टोरी 2' में छिपी भारत की कड़वी सच्चाई, 6-7 महीने की रिसर्च से बनी फिल्म

एंटरटेनमेंट डेस्क, मुस्कान कुमारी।

मुंबई । बॉलीवुड प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह की अपकमिंग फिल्म 'द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड' असली घटनाओं पर आधारित है, जो देशभर में महिलाओं के शोषण की हकीकत उजागर करती है। शाह ने खुलासा किया कि टीम ने 6-7 महीने की गहन रिसर्च की, जिसमें पीड़ितों से मुलाकातें और कोर्ट केस स्टडी शामिल हैं, ताकि हर सीन फैक्ट्स पर टिका हो।

फिल्म की कहानी तीन मुख्य किरदारों के इर्द-गिर्द घूमती है, लेकिन ये सिर्फ तीन लड़कियों की नहीं, बल्कि दर्जनों असली मामलों से ली गई घटनाओं का मिश्रण हैं। शाह ने बताया कि पहले पार्ट की तरह ये सीक्वल भी विवादास्पद मुद्दों पर रोशनी डालेगी, लेकिन इस बार फोकस भारत के अंदर हो रहे रेडिकलाइजेशन और शोषण पर है। "हमने पूरे देश की स्थिति को रिप्रेजेंट करने के लिए कई पीड़ितों से बात की, उनके पैरेंट्स से मिले और कोर्ट ऑर्डर, पुलिस एफआईआर तक खंगाली," शाह ने कहा। ये रिसर्च इतनी गहन थी कि टीम को देश के अलग-अलग हिस्सों में यात्रा करनी पड़ी, जहां से मीडिया रिपोर्ट्स को ट्रेस करके असली कहानियां जुटाई गईं।

रियल कोर्ट केस से इंस्पायर्ड, ग्रिपिंग नैरेटिव

नेशनल अवॉर्ड विनर डायरेक्टर कमाख्या नारायण सिंह के निर्देशन में बनी ये फिल्म भारतीय लीगल सिस्टम के दर्ज असली घटनाओं से प्रेरित है। शाह ने जोर देकर कहा कि तीन स्टोरीज को चुनने के पीछे मकसद पूरे भारत की तस्वीर पेश करना था। "ये सिर्फ केरल की नहीं, बल्कि पूरे देश की समस्या को दिखाती है। हमने दर्जनभर कोर्ट केस से इंस्पिरेशन ली और उन्हें तीन कहानियों में पिरोया," उन्होंने खुलासा किया। फिल्म में दिखाए जाने वाले सीन ऑथेंटिक रखने के लिए टीम ने महीनों तक डिटेल्ड स्टडी की, जिससे दर्शकों को एक सिनेमाई अनुभव मिलेगा जो हकीकत से जुड़ा हो। पहले पार्ट की सफलता के बाद ये सीक्वल बाउंड्रीज को और आगे ले जाने का वादा करता है, जहां रेडिकलाइजेशन की कहानी अब घरेलू शोषण की तरफ मुड़ती है।

शाह ने आगे बताया कि रिसर्च के दौरान टीम को कई चौंकाने वाली सच्चाइयां पता चलीं, जैसे महिलाओं को ब्रेनवॉश करके कैसे एक्सप्लॉइट किया जाता है। "हमने मीडिया आर्टिकल्स से क्लू लेकर पीड़ितों तक पहुंचे और उनकी जिंदगी की डिटेल्स को फिल्म में शामिल किया," उन्होंने कहा। ये अप्रोच फिल्म को सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं, बल्कि एक सोशल कमेंट्री बनाती है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देगी।

पहले पार्ट की सफलता और विवादों का सिलसिला

'द केरल स्टोरी' का पहला पार्ट 2023 में रिलीज हुआ था, जिसमें अदाह शर्मा, सोनिया बलानी, योगिता बिहानी और सिद्धि इडनानी ने लीड रोल प्ले किए थे। फिल्म केरल की महिलाओं की कहानी दिखाती थी, जो रेडिकलाइज होकर इस्लामिक स्टेट जॉइन कर लेती हैं। ये फिल्म असली घटनाओं पर आधारित होने का दावा करती थी, लेकिन केरल सरकार ने इसे मिसइनफॉर्मेशन फैलाने का आरोप लगाया। बैन और कंट्रोवर्सी के बावजूद फिल्म ने 20 करोड़ के बजट पर वर्ल्डवाइड 300 करोड़ से ज्यादा कमाए। इसे दो नेशनल फिल्म अवॉर्ड भी मिले - बेस्ट डायरेक्टर (सुदीप्तो सेन) और बेस्ट सिनेमेटोग्राफी (प्रशांतनु मोहपात्रा)।

अब सीक्वल में ये सिलसिला आगे बढ़ रहा है, जहां फोकस इंडियन लीगल सिस्टम की रियल इंसिडेंट्स पर है। शाह ने कहा कि फिल्म को सनशाइन पिक्चर्स के बैनर तले प्रोड्यूस किया गया है, और आशिन ए शाह को-प्रोड्यूसर हैं। रिलीज डेट 27 फरवरी 2026 तय है, जो दर्शकों के लिए एक और थ्रिलिंग एक्सपीरियंस का वादा करती है।