नेशनल डेस्क - प्रीति पायल
28 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार को लेकर जा रहा चार्टर्ड Learjet-45 विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
बारामती उनका गृह क्षेत्र था। इस भीषण हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार पांचों लोगों—पायलट, को-पायलट, फ्लाइट अटेंडेंट, PSO और पर्सनल असिस्टेंट—की मौके पर ही मौत हो गई।
प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक उस समय इलाके में घना कोहरा और कम दृश्यता थी। लैंडिंग के दौरान विमान संतुलन खो बैठा, तेज़ी से नीचे आया और रनवे पर असंतुलित होकर क्रैश हो गया। टक्कर के तुरंत बाद विमान आग की चपेट में आ गया। कई CCTV फुटेज सामने आए, जिनमें विमान एक ओर झुकता हुआ, गिरता और फिर जलता दिखाई देता है।
बारामती एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और अन्य आधुनिक सुविधाओं की कमी की भी चर्चा हुई। बताया गया कि अजित पवार स्वयं इस एयरस्ट्रिप के विकास की योजना बना रहे थे। विमान संचालित करने वाली कंपनी VSR Ventures के मालिक ने कहा कि विमान में कोई तकनीकी खराबी नहीं थी और पायलट अनुभवी था, हालांकि जांच जारी है।
10-11 फरवरी 2026 को एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक और अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक नया CCTV वीडियो जारी किया। उन्होंने दावा किया कि यह केवल हादसा नहीं, बल्कि साजिश भी हो सकती है। उनका कहना था कि अजित पवार के बेटे पार्थ पवार और जय पवार के मन में भी इस घटना को लेकर सवाल हैं।
रोहित पवार ने यह भी कहा कि अगर यह सामान्य दुर्घटना होती, तो अजित गुट के कुछ नेता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलने नहीं जाते। उन्होंने विमान कंपनी के रखरखाव, 2023 में कथित रूप से हुए एक पुराने हादसे की रिपोर्ट, और मुख्य पायलट कैप्टन सुमित कपूर की भूमिका पर सवाल उठाए। साथ ही स्वतंत्र जांच, जैसे AAIB या NTSB जैसी एजेंसियों से जांच की मांग की।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जांच जारी है और बिना सबूत अटकलें नहीं लगानी चाहिए। शरद पवार ने भी इसे हादसा बताते हुए राजनीति न करने की अपील की।
यह मामला अब महाराष्ट्र की राजनीति में विवाद का विषय बन चुका है, खासकर एनसीपी के दो गुटों के बीच। अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।






