स्पोर्ट्स डेस्क, रानी कुमारी |
दिग्गज निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का निधन
नई दिल्ली। भारत के दिग्गज निशानेबाज, एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और ओलंपिक पदक विजेता शूटर मनु भाकर के कोच जयपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री सहित कई खिलाड़ियों, कोचों और खेल संगठनों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, साकेत के ग्रुप चेयरमैन कार्डियक साइंसेज डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार, जसपाल राणा की मौत हार्ट अटैक के बाद उत्पन्न हुई गंभीर जटिलता ‘कार्डियक रप्चर’ के कारण हुई। उन्होंने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही राणा को जर्मनी के म्यूनिख में एक तीव्र हार्ट अटैक आ चुका था, जिसके बावजूद वे लगातार काम करते रहे और भारत लौटने की यात्रा भी पूरी की। इस दौरान उन्हें लगातार सीने में दर्द की शिकायत बनी हुई थी।
डॉक्टरों के अनुसार, म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप के दौरान ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी। भारत लौटने के बाद उन्हें दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच में हृदय की एक प्रमुख धमनी में गंभीर रुकावट पाई गई। चिकित्सकों ने उनकी जान बचाने के लिए तत्काल एंजियोप्लास्टी कर स्टेंट डाला, लेकिन हार्ट अटैक के कारण हृदय को पहले ही काफी नुकसान पहुंच चुका था।
जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते थे। उन्होंने अपने करियर में एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और विश्व चैंपियनशिप में भारत को कई पदक दिलाए। वर्ष 1994 में विश्व शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया था। उनके शानदार योगदान के लिए उन्हें अर्जुन पुरस्कार, पद्मश्री और द्रोणाचार्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।
खिलाड़ी के रूप में सफलता हासिल करने के बाद उन्होंने कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली और भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष रूप से ओलंपिक पदक विजेता मनू भाकर की सफलता में उनका बड़ा योगदान माना जाता है। उनके मार्गदर्शन में मनु भाकर ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं और भारतीय शूटिंग को नई पहचान मिली।
जसपाल राणा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। कई वर्तमान और पूर्व खिलाड़ियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारतीय शूटिंग में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।







