स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना ।
पप्पू यादव के घर पहुंची भारी पुलिस फोर्स, गिरफ्तारी की तैयारी; 31 साल पुराने मामले में आया बड़ा आदेश - समर्थकों का आरोप, संसद सत्र के बीच पप्पू यादव की गिरफ्तारी संसदीय विशेषाधिकार कानून का उल्लंघन। स्वास्थ्य जांच के लिए IGMS पहुंची पटना पुलिस, सांसद पप्पू यादव ने कहा: साजिश के तहत गिरफ्तारी, मेरी जान को है खतरा। NEET छात्रा का मामला उठाया इसलिए बिहार सरकार कर रही टार्गेट।
पटना: पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के पटना स्थित आवास पर शुक्रवार रात बिहार पुलिस की एक बड़ी टीम दबिश देने पहुंची, जिससे राजधानी में राजनीतिक और कानूनी सरगर्मी बढ़ गई। पुलिस की यह कार्रवाई 31 साल पुराने पुराने विवादित मामले के सिलसिले में की जा रही है, जिसमें अदालत ने पहले गिरफ्तारी वारंट और बाद में कुर्की-जब्ती का कड़ा आदेश जारी किया था।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 1995 में दर्ज एक धोखाधड़ी और संपत्ति विवाद मामले से जुड़ी है, जिसकी सुनवाई विशेष एमपी-एमएलए अदालत में चल रही है। पुलिस का कहना है कि पप्पू यादव पर आरोप है कि उन्होंने एक मकान धोखे से किराए पर लिया और उसे अपने कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया, जबकि मकान मालिक को सही जानकारी नहीं दी गई थी। अदालत ने इस मामले में पहले गिरफ्तारी वारंट और हाल ही में कुर्की-जब्ती का आदेश जारी किया था, जिसके बाद पुलिस गिरफ्तारी की तैयारी में उनके आवास पहुंची।
पुलिस के पहुंचते ही सांसद और उनके समर्थकों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। पत्रकारों से बातचीत में पप्पू यादव ने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि राज्य सरकार उनकी राजनीतिक आलोचना के चलते उन्हें निशाना बना रही है। उनके समर्थकों ने भी पुलिस कार्रवाई का विरोध किया।
कब होगी अगली सुनवाई
सांसदों और विधायकों से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत के न्यायाधीश प्रवीण कुमार मालवीय ने यह आदेश पारित किया है। अदालत ने पाया कि अभियुक्त पप्पू यादव के अलावा शैलेंद्र प्रसाद और चंद्र नारायण प्रसाद लगातार अनुपस्थित रहे हैं। इससे पहले भी तीनों की पेशी सुनिश्चित करने के लिए गिरफ्तारी वारंट और इश्तिहार जारी किए जा चुके हैं। मामले की अगली सुनवाई 7 फरवरी को तय की गई है।
अन्य नामजद आरोपी
इस मामले में सांसद के साथ-साथ शैलेंद्र प्रसाद और चंद्र नारायण प्रसाद भी नामजद आरोपी हैं। अदालत की कार्यवाही में शामिल न होने के कारण तीनों के खिलाफ सख्त आदेश जारी हुए हैं। पुलिस टीम ने सांसद को गिरफ्तारी वारंट दिखाया, लेकिन पप्पू यादव ने तत्काल गिरफ्तारी देने से इनकार करते हुए कहा कि वे स्वयं अदालत में पेश होंगे। पुलिस और सांसद दोनों पक्षों ने कानूनी प्रक्रिया के पालन का दावा किया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी तेज हो गई है और अब सभी की निगाहें 7 फरवरी को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।






