Ad Image
Ad Image
ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी || अहमदाबाद - मुंबई हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसा, 12 की मौत 25 से ज्यादा घायल || राष्ट्रपति ट्रंप का दावा: समझौते के लिए ईरान बेताब, ईरान का इनकार || Delhi - NCR में सीएनजी फिर महंगा, तीन दिन में तीसरी बार कीमत वृद्धि || PM मोदी का नीदरलैंड दौरा, द्विपक्षीय रिश्ते की बेहतरी पर बल दिया || लन्दन: ब्रिटिश PM कीर स्टारमर दे सकते है इस्तीफा, स्थानीय चुनावों में पार्टी की हार का असर || युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के विरुद्ध VHP का हुंकार

नेशनल डेस्क, श्रेया पांडेय |

नई दिल्ली: पड़ोसी देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदू समुदाय के खिलाफ बढ़ती हिंसा और हाल ही में हुई दीपू चंद्र दास की निर्मम हत्या के विरोध में आज विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने भारत में एक विशाल जन-आक्रोश का बिगुल फूंका। राजधानी दिल्ली में चाणक्यपुरी स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर प्रदर्शनकारियों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया, वहीं देश के विभिन्न राज्यों और जिला मुख्यालयों पर भी 'राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस' मनाया गया।

दिल्ली के उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र चाणक्यपुरी में सुबह से ही गहमागहमी का माहौल था। विहिप और बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ता भगवा झंडे लेकर "भारत माता की जय" और "बांग्लादेशी हिंदुओं का नरसंहार बंद करो" जैसे नारे लगाते हुए बांग्लादेश उच्चायोग की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा और सात लेयर की बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारियों के आक्रोश का आलम यह था कि कई जगहों पर भीड़ ने बैरिकेड्स को गिरा दिया और आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिससे सुरक्षा बलों के साथ तीखी झड़प हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने भारी संख्या में अर्धसैनिक बलों को तैनात किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया।

प्रदर्शनकारियों के गुस्से का मुख्य केंद्र 18 दिसंबर को बांग्लादेश के मयमनसिंह में हुई दीपू चंद्र दास नामक एक हिंदू युवक की हत्या है। दीपू पर कथित तौर पर ईशनिंदा का आरोप लगाकर भीड़ ने उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी और बाद में उसके शव को जला दिया। विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने इसे मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन और भारत की संप्रभुता को चुनौती करार दिया है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार वहां के हिंदुओं की सुरक्षा करने में पूरी तरह विफल रही है।

दिल्ली के अलावा, नागपुर, भोपाल, अलीगढ़, अहमदाबाद और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों में भी विहिप कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। नागपुर में प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश का झंडा और पुतला फूंका, जबकि उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में भारी भीड़ ने रैलियां निकालीं।

विहिप ने सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदायों के समक्ष प्रमुख मांगें रखी हैं:

  • बांग्लादेश में हिंदुओं और उनके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
  • दीपू चंद्र दास के हत्यारों को तत्काल कड़ी सजा दी जाए।
  • संयुक्त राष्ट्र (UN) इस मामले में हस्तक्षेप करे और वहां शांति सेना तैनात की जाए।
  • भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाए और कूटनीतिक दबाव बनाए।

इस विरोध प्रदर्शन का असर भारत और बांग्लादेश के राजनयिक संबंधों पर भी दिख रहा है। प्रदर्शनों के बाद, बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दिल्ली और अन्य भारतीय शहरों में अपनी वीजा सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। वहीं, ढाका में भी भारतीय उच्चायुक्त को तलब किया गया। विहिप ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार नहीं रुके, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।