Ad Image
Ad Image
मेरठ: भीषण आग में एक ही परिवार के 5 बच्चों समेत छह की मौत || भोपाल: खड़गे और राहुल गांधी किसान महापंचायत को करेंगे संबोधित || लुधियाना से मोतिहारी आ रही डबल डेकर बस पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर पलटी || रांची से दिल्ली जा रहा एयर एम्बुलेंस चतरा में दुर्घटनाग्रस्त, 7 की मौत || मैक्सिको के इंटरनेशनल ड्रग कार्टेल लीडर एल मंचों की मौत, हिंसा जारी || प. बंगाल के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय का निधन, किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे रॉय || JNU में देर रात बवाल, दो छात्र गुटों के बीच चले लाठी डंडे || चुनाव आयोग ने SIR को लेकर 22 राज्यों को भेजा पत्र || PM मोदी ने कहा: AI मानवता की भलाई के लिए, इसे बड़े अवसर में बदलना जरूरी || किरन रिजिजू ने कहा, भारत में अल्पसंख्यक पूरी तरह सुरक्षित

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

बीए की किताब में मोदी और सावरकर वाला चैप्टर

नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार।

गुजरात की एक यूनिवर्सिटी में बीए (इंग्लिश) के छात्रों को अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वीर सावरकर से संबंधित अध्याय पढ़ाए जाएंगे। महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय (एमएसयू) में नई शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू किए गए बीए (इंग्लिश) माइनर कोर्स में प्रधानमंत्री मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एमएसयू की फैकल्टी ऑफ आर्ट्स ने यह बीए माइनर कोर्स शुरू किया है। ‘एनालाइजिंग एंड अंडरस्टैंडिंग नॉन-फिक्शनल राइटिंग्स’ शीर्षक के अंतर्गत पीएम मोदी की पुस्तक ‘ज्योतिपुंज’ और वीर सावरकर की कृति ‘इनसाइड द एनिमी कैंप’ को सिलेबस में जोड़ा गया है। यह कोर्स शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू किया गया है।

नए सिलेबस में क्या शामिल है?

पाठ्यक्रम में पीएम मोदी की ‘ज्योतिपुंज’ को जीवनी आधारित रचना के रूप में पढ़ाया जाएगा, जबकि सावरकर की ‘इनसाइड द एनिमी कैंप’ को आत्मकथात्मक कृति के तौर पर शामिल किया गया है। इसके अलावा श्री अरबिंदो, पंडित दीन दयाल उपाध्याय और स्वामी विवेकानंद के लेख भी सिलेबस का हिस्सा बनाए गए हैं। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के चयनित एपिसोड्स को भी पाठ्यक्रम में स्थान दिया गया है।

यूनिवर्सिटी की प्रतिक्रिया

एमएसयू के अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर हितेश डी. रविया ने टीओआई से कहा, “यह पाठ्यक्रम अंग्रेजी अध्ययन को भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप विकसित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह एक आत्मविश्वासी भारतीय दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें भारत के विचारकों, नेताओं और विचारधाराओं को पढ़ाया जा रहा है, न कि केवल औपनिवेशिक या यूरोपीय साहित्यिक परंपराओं तक सीमित रहा जाए।”