मोतिहारी इंजीनियरिंग कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में मिला छात्रा का शव, डॉक्टर और प्रिंसिपल के बयान में विरोधाभास
स्टेट डेस्क, नीतीश कुमार
मोतिहारी। मोतिहारी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के गर्ल्स हॉस्टल में गुरुवार को एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में शव बरामद हुई। मृतका की पहचान 21 वर्षीय रिमी कुमारी के रूप में हुई है, जो कॉलेज में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स शाखा की 2023 बैच की पांचवें सेमेस्टर में पढ़ाई कर रही थी। वह मूल रूप से मुजफ्फरपुर की रहने वाली थी।
घटना मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के मोतिहारी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग की है। डॉक्टर की शुरुआती जांच में स्टूडेंट के गले पर हैंगिंग के निशान मिले हैं। वहीं, कॉलेज के प्रिंसिपल ने बताया कि लड़की बेहोशी की हालत में बेड पर मिली थी।
जानकारी के अनुसार, रिमी बुधवार शाम बेतिया से परीक्षा देकर हॉस्टल लौटी थी। हॉस्टल की छात्राओं ने बताया कि वापस आने के बाद वह सीधे अपने कमरे में चली गई और किसी से बातचीत नहीं की। छात्राओं के मुताबिक, वह कमरे में अकेले रहती थी। बुधवार रात वह डिनर के लिए आई थी, लेकिन इस दौरान भी उसने किसी से बात नहीं की। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे उसने नाश्ता किया और फिर कमरे में चली गई।
हॉस्टल की छात्राओं ने बताया कि दोपहर करीब 2 बजे जब वे उसे खाने के लिए बुलाने गईं, तो कमरे का दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद हॉस्टल वॉर्डन को सूचना दी गई। वॉर्डन मौके पर पहुंचीं और काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर कॉलेज प्रिंसिपल नवनीत कुमार को जानकारी दी गई।
करीब ढाई बजे प्रिंसिपल मौके पर पहुंचे और स्टाफ की मदद से कमरे का दरवाजा खोला गया। हालांकि इस दौरान छात्राओं को अपने-अपने कमरे में जाने के लिए कहा गया। दरवाजा खुलने के समय मौके पर केवल प्रिंसिपल और वॉर्डन मौजूद थे।
कॉलेज प्रिंसिपल नवनीत कुमार ने बताया कि छात्रा अपने कमरे में बेहोशी की हालत में मिली थी। उन्होंने कहा कि उसे आनन - फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, छात्रा पढ़ाई में अच्छी थी और उसके खिलाफ पहले कभी कोई शिकायत नहीं मिली थी। उसके एकेडमिक प्रदर्शन बेहतर थे।
मोतिहारी सदर अस्पताल के डॉक्टर सफी इमाम ने बताया कि छात्रा को अस्पताल लाया गया, तब उसकी स्थिति गंभीर थी। जांच के दौरान शरीर में किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं मिली।
ऑक्सीजन सैचुरेशन और अन्य जरूरी संकेत भी नहीं थे। डॉक्टर्स की टीम ने उसे बचाने के लिए सीपीआर समेत सभी आवश्यक प्रयास किए, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद छात्रा को मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि "छात्रा को अस्पताल लाने वाले लोग स्पष्ट रूप से कुछ बता नहीं पा रहे थे। शुरुआती जानकारी में इतना बताया गया कि छात्रा हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटकी मिली थी। गले में निशान देखकर फांसी लगाने जैसा प्रतीत हो रहा है।"
मृतका के पिता प्रदीप कुमार ने घटना पर सवाल उठाते हुए कहा, "बुधवार की रात 10 बजे बेटी से बात हुई थी। वो ठीक थी। मेरी बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी गई है। कॉलेज प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहा है।"
घटना की सूचना मिलने के बाद मुफ्फसिल और नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने छात्रा का मोबाइल जब्त कर लिया है और उसके दोस्तों से पूछताछ की जा रही है।
ट्रेनी डीएसपी कुमारी प्रियंका ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि एफएसएल टीम भी जांच में जुटी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस के अनुसार, मौके पर पहुंचने से पहले ही कॉलेज प्रशासन छात्रा को अस्पताल ले जा चुका था। फिलहाल कमरे की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल जारी है।






