स्टेट डेस्क , रानी कुमारी |
अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे की चोरी के मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मामले की संवेदनशीलता और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए आरोपियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई गई। अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से सरकारी वकील ने अब तक की गई जांच और साक्ष्यों की जानकारी न्यायालय को उपलब्ध कराई।
जानकारी के अनुसार, आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश किए जाने के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। इस मामले को लेकर स्थानीय वकीलों के एक वर्ग द्वारा भी विरोध जताया जा रहा है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। इसी कारण किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए न्यायिक प्रक्रिया पूरी की गई।
सुनवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों की रिमांड की मांग नहीं की। सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि फिलहाल जांच जारी है और कई बिंदुओं पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि यदि आगे की जांच में आरोपियों से पूछताछ की आवश्यकता महसूस होती है तो न्यायिक हिरासत के दौरान भी रिमांड के लिए अदालत से अनुमति मांगी जा सकती है।
मामले में अब तक की जांच में पुलिस विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। चढ़ावे की राशि, उसकी सुरक्षा व्यवस्था और चोरी की पूरी श्रृंखला को लेकर जांच एजेंसियां साक्ष्य एकत्र कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है तथा दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अदालत ने सभी आठों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 जुलाई की तिथि निर्धारित की है। इस बीच पुलिस अपनी जांच को आगे बढ़ाएगी और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी ।







