विदेश डेस्क, ऋषि राज |
त्रिपोली: लीबिया से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। देश के पूर्व तानाशाह कर्नल मुअम्मर ग़द्दाफ़ी के बेटे सैफ़ अल-इस्लाम ग़द्दाफ़ी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। सैफ़ अल-इस्लाम को कभी ग़द्दाफ़ी शासन का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता था और उनकी मौत ने एक बार फिर लीबिया की अस्थिर राजनीति, कमजोर सुरक्षा व्यवस्था और जारी सत्ता संघर्ष को उजागर कर दिया है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सैफ़ अल-इस्लाम पर अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने अचानक हमला किया, जिसमें उन्हें कई गोलियां मारी गईं। हमले के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल इस हमले की जिम्मेदारी किसी भी संगठन या गुट ने नहीं ली है, हालांकि शुरुआती जांच में इसे राजनीतिक साजिश से जोड़कर देखा जा रहा है।
सैफ़ अल-इस्लाम ग़द्दाफ़ी लीबिया की राजनीति में एक विवादित लेकिन प्रभावशाली नाम रहे हैं। वर्ष 2011 में अरब स्प्रिंग के दौरान उनके पिता मुअम्मर ग़द्दाफ़ी की सत्ता का अंत हुआ और उसी वर्ष उनकी निर्मम हत्या कर दी गई थी। इसके बाद सैफ़ अल-इस्लाम को विद्रोही बलों ने गिरफ्तार कर लिया था। कई वर्षों तक वे हिरासत में रहे और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) द्वारा भी उनके खिलाफ युद्ध अपराधों के आरोप लगाए गए थे।
हालांकि, समय के साथ सैफ़ अल-इस्लाम ने लीबिया की राजनीति में वापसी की कोशिश की। 2021 में उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी, जिससे देश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी। ग़द्दाफ़ी समर्थक उन्हें स्थिरता और पुराने दौर की व्यवस्था की वापसी का प्रतीक मानते थे, जबकि विरोधी गुट उन्हें तानाशाही की विरासत का चेहरा समझते थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि सैफ़ अल-इस्लाम की हत्या लीबिया में जारी गुटीय संघर्ष का नतीजा हो सकती है। वर्तमान में लीबिया कई हिस्सों में बंटा हुआ है, जहां अलग-अलग मिलिशिया, राजनीतिक गुट और विदेशी ताकतें प्रभाव बनाए हुए हैं। केंद्र सरकार की कमजोर पकड़ और हथियारबंद समूहों की मनमानी ने देश को लंबे समय से अस्थिर बना रखा है।
सैफ़ की मौत के बाद ग़द्दाफ़ी समर्थक इलाकों में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है और प्रमुख शहरों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और लीबिया में शांति एवं राजनीतिक समाधान की अपील दोहराई है।
कुल मिलाकर, सैफ़ अल-इस्लाम ग़द्दाफ़ी की हत्या ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लीबिया अब भी हिंसा और अनिश्चितता के चक्र से बाहर नहीं निकल पाया है। यह घटना देश के भविष्य और राजनीतिक स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।







