नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार |
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग तथा सामूहिक जिम्मेदारी की भावना पर जोर देते हुए कहा कि नीति आयोग इस दिशा में एक प्रभावी मंच की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की युवा आबादी भारत की सबसे बड़ी ताकत है और इसका लाभ उठाने के लिए युवाओं को मांग आधारित शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना जरूरी है।
प्रधानमंत्री राजधानी में नीति आयोग की संचालन परिषद की 11वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। विभिन्न देशों और समूहों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से लघु और मझोले उद्यमों समेत अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों को नए अवसर मिलेंगे।
विकसित भारत के लिए सहयोग और संवाद पर जोर
बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों, केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में प्रधानमंत्री ने कहा, “जैसे-जैसे भारत विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प की ओर बढ़ रहा है, हमारी सामूहिक जिम्मेदारी भी बढ़ती जा रही है। राज्यों के बीच सहयोग, संवाद और अनुभवों का आदान-प्रदान हमारी कार्यप्रणाली का अहम हिस्सा होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि नीति आयोग ऐसा मंच बन सकता है जहां राज्य अपने अनुभव साझा करें और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मिलकर काम करें।
युवा आबादी को बताया ऐतिहासिक अवसर
प्रधानमंत्री ने देश की बड़ी युवा आबादी को "ऐतिहासिक अवसर" बताते हुए कहा कि इसे गंवाने का जोखिम नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मांग आधारित कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “सशक्त युवा ही भारत की विकास यात्रा के सबसे बड़े प्रेरक बनेंगे।”
महिला सशक्तिकरण को बताया विकास का आधार
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला नेतृत्व वाला विकास विकसित भारत की परिकल्पना का महत्वपूर्ण आधार है। कृषि, स्टार्टअप, विज्ञान और नवाचार जैसे क्षेत्रों में महिलाओं का योगदान लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने राज्यों से महिलाओं की शिक्षा, कौशल विकास, सुरक्षा और सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने का आह्वान किया, ताकि उनकी पूरी क्षमता का उपयोग देश के विकास में किया जा सके।
एफटीए से एमएसएमई को मिलेंगे नए अवसर
श्री मोदी ने कहा कि भारत ने विकास और निर्यात के नए अवसर पैदा करने के लिए कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। इन समझौतों से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को भी वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे एमएसएमई इकाइयां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकेंगी और अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ा सकेंगी।
सहकारी संघवाद पर भी दिया जोर
बैठक शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “सहकारी संघवाद की भावना से प्रेरित होकर हम सभी भारत की विकास यात्रा को तेज करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। केंद्र और राज्यों के संयुक्त प्रयास ही विकसित भारत के हमारे साझा संकल्प को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।” प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में नीति आयोग के सर्वोच्च निकाय की यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब उन्होंने देश के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 4,399 दिन पूरे कर प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी की है।
हाल ही में सरकार ने नीति आयोग की टीम का पुनर्गठन भी किया है। इसके तहत डॉ. सुमन बेरी की जगह पूर्व आर्थिक सलाहकार डॉ. अशोक लाहिड़ी को नीति आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच अर्थव्यवस्था पर नजर
इस समय सरकार के सामने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को कम करने की चुनौती भी है। भारतीय रिजर्व बैंक ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भू-राजनीतिक संकट के असर को देखते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है।
इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने खुदरा महंगाई दर का अनुमान भी बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया है, जो अप्रैल में 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था।







