नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय |
नई दिल्ली: कर्नाटक की उभरती हुई महिला एथलीट जी. सिंधुश्री ने विपरीत परिस्थितियों और संसाधनों के घोर अभाव के बीच संघर्ष करते हुए पोल वॉल्ट स्पर्धा में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम कर खेल जगत को हैरान कर दिया है।
सिंधुश्री ने अत्यधिक गरीबी और अपने पिता के आकस्मिक निधन के गहरे दुख से लड़ते हुए यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया। इस चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए उनके पास अपना खुद का उपयुक्त पोल तक नहीं था, जिसके चलते उन्होंने एक साथी खिलाड़ी से पोल उधार लिया और उसी उधार के पोल के सहारे शानदार छलांग लगाकर पुराना नेशनल रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस अद्वितीय और रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने आगामी एशियाई खेलों (Asian Games) के लिए भी सीधे क्वालीफाई कर लिया है। अपनी इस अभूतपूर्व और भावुक कर देने वाली जीत के बाद सिंधुश्री ने इस स्वर्णिम पल को अपने दिवंगत पिता को समर्पित किया।
मेडल जीतने के बाद भावुक एथलीट ने अपने पिता की तस्वीर को हाथ में लेकर नम आंखों से कहा, "यह जीत आपके लिए है पापा!" उनके पिता का सपना उन्हें देश के लिए खेलते हुए देखना था, जिसे सिंधुश्री ने तमाम आर्थिक और मानसिक दिक्कतों के बावजूद सच कर दिखाया। एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली सिंधुश्री की यह सफलता न केवल देश के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, बल्कि यह भी साबित करती है कि यदि हौसले बुलंद हों, तो संसाधनों की कमी भी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकती। खेल प्रेमियों और खेल संगठनों ने उनकी इस ऐतिहासिक कामयाबी की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि आगामी एशियाई खेलों में भी वे देश का नाम रोशन करेंगी।







