लोकल डेस्क, राजीव कु. भारती ।
दारौंदा। दारौंदा से महाराजगंज अनुमंडल को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर स्थित सिरसांव झोर पुल पूरी तरह जर्जर हो चुका है। पुल की हालत इतनी खराब हो गई है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अंग्रेजी शासनकाल में निर्मित इस पुल से ईंटें टूटकर गिरने लगी हैं, वहीं पुल पर पेड़-पौधे और झाड़ियां उग आने से इसकी मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
लंबे समय से रखरखाव के अभाव में पुल की संरचना लगातार कमजोर होती चली गई है। यह मार्ग दारौंदा से महाराजगंज जाने का सबसे सुगम और प्रमुख रास्ता माना जाता है। महाराजगंज एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र होने के कारण इस मार्ग से कानपुर, लखनऊ और गोरखपुर सहित अन्य शहरों के लिए प्रतिदिन ट्रकों और भारी वाहनों का आवागमन होता रहा है।
पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने 4 फरवरी को एहतियातन बड़ा फैसला लिया है। सुरक्षा के मद्देनजर इस पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके बाद से ट्रक और अन्य बड़े वाहन इस मार्ग से नहीं गुजर पा रहे हैं।
भारी वाहनों पर रोक लगने से जहां संभावित हादसों को टालने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर व्यापारिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने पुल की शीघ्र मरम्मत या नए पुल के निर्माण की मांग की है, ताकि आवागमन और व्यापार दोनों सामान्य रूप से बहाल हो सकें।







